मूंछे हों तो ‘मियां मुछन्‍दर’ जैसी

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moustaches_20_09_2014आगरा: शराबी फिल्‍म में सुपर स्‍टार अमिताभ बच्‍चन का कहा वह डायलॉग तो सभी को याद होगा कि मूंछे हों तो नत्‍थूलाल जैसी। आगरा में भी सुबह शाम यही कहने वाले दर्जनों लोग मिलते हैं। फर्क सिर्फ तइना है कि वे नत्‍थूलाल की जगह मियां मूछन्‍दर कहते हैं।

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65 वर्ष के राम चंद्र कुश्‍वाहा ने पिछले 25 वर्षों में 17 फीट लंबी मूंछे बढ़ाई हैं। उनका नाम किसी भी रिकॉर्ड बुक में प्रकाशित नहीं हुआ है। फिर भी उन्‍हें अपनी मूंछों से बेहद लगाव है।उन्‍होंने बताया कि 40 वर्ष की उम्र के बाद से उन्‍होंने मूंछे बनवानी बंद कर दी थी और इसकी प्रेरण उन्‍हें उस व्‍यक्‍ित से मिली थी, जो अपनी मूंछों से आठ बना लेता था।

राम चंद्र ने बताया कि मैं भी वैसा ही करना चाहता था, लेकिन नहीं कर सकता था। तब एक बाबा में मुझे बताया कि बढ़ती हुई मूंछो को कैसे बांधा जाता है। इसके बाद से मैंने आज तक मूंछे कटवाने की जरूरत नहीं समझी।

कुश्‍वाहा बताते हैं कि उन्‍होंने लंबे समय से भोजन करना बंद कर दिया है और अब वह सिर्फ दूध पीते हैं। वह पानी बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। वह कहते हैं कि मुझे किसी रिकॉर्ड बुक में छपने की ख्‍वाहिश नहीं है। रिकॉर्ड तो बनते और टूटते हैं, मगर मेरे लिए मेरी मूछें अनमोल हैं।

वह युवावस्‍था में अपना घर छोड़कर भाग गए थे और आगरा के नामनेर क्षेत्र में एक कमरे में अकेले रहते हैं। अपने इलाके में लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र हैं। हर रोज उनसे उनकी लंबी मूंछों का राज पूछने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। बच्‍चे प्‍यार से उन्‍हें मियां मूछंदर बुलाते हैं।

उन्‍होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में उनकी मूंछ एक फीट और लंबी हो गई हैं। उन्‍होंने बताया कि वह अपनी मूंछों के लिए कुछ खास नहीं करते हैं। वह तो बस रोजाना शैंपू करते हैं।

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