मानस सम्मेलन में भरत चरित्र सहित विभिन्न प्रसंगों का हुआ चित्रण

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) मानस विचार समिति के संयोजन में पंडा बाग स्थित सत्संग भवन में चल रहे मानस सम्मेलन के दूसरे दिन बाहर से आए मानस विद्वानों ने श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिए। वक्ताओं ने भरत चरित्र, श्रीराम के आदर्श, भारतीय संस्कार और शास्त्रों के अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला।मानस विचार समिति के संयोजक डॉ. रामबाबू पाठक के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में गोंडा से आए मानस विद्वान ने श्रीराम के शील और स्वभाव का वर्णन करते हुए कहा कि माता-पिता और गुरु का सम्मान तथा भाई-भाई के बीच प्रेम श्रीराम के चरित्र की प्रमुख विशेषताएं हैं। उन्होंने भारतीय वैदिक परंपराओं और संस्कारों की व्याख्या करते हुए कहा कि मानस का अध्ययन और चिंतन करने से श्रीराम के जीवन के गुण मनुष्य के आचरण में स्वत: आने लगते हैं। मध्य प्रदेश के दतिया से पधारीं मानस कोकिला सुश्री लीला भारती ने ‘सब विधि भरत सराहन जोगू’ प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए भरत के त्याग और भाई के प्रति प्रेम का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भरत का चरित्र अद्भुत है। वर्तमान समय में छोटी-छोटी बातों पर संघर्ष देखने को मिलता है, जबकि भरत का जीवन त्याग, प्रेम और साधना का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भरत ने संपत्ति का नहीं, बल्कि विपत्तियों और समस्याओं का बंटवारा किया। श्रीराम के वनवास के दौरान भरत के आदर्शों को भी उन्होंने विस्तार से बताया।छत्तीसगढ़ के दुर्ग से आए मानस विद्वान पीलाराम शर्मा ने ‘शास्त्र सुचिंतित पुनि पुनि देखिए’ प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि शास्त्रों का चिंतन और अध्ययन मानव जीवन के विकास के लिए आवश्यक है। भारतीय ज्ञान, संस्कृति और संस्कार हमारी अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी भारतीय संस्कृति और शास्त्रों का अध्ययन नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. रामबाबू पाठक ने सुंदरकांड में माता सीता और हनुमान संवाद तथा आशीर्वचन का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस के विभिन्न कांडों की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड और सुंदरकांड के प्रमुख प्रसंगों पर भी प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन पंडित रामेंद्रनाथ मिश्रा ने किया, जबकि तबले पर नंदकिशोर पाठक ने संगत दी। इस अवसर पर ज्योतिस्वरूप अग्निहोत्री, सदानंद शुक्ला, नरेश चंद्र दुबे, बीके सिंह, डॉ. होम सिंह, अशोक रस्तोगी, सुरजीत कुमार पाठक, विजय अवस्थी, विशेष पाठक, विजयलक्ष्मी पाठक, अलम्या, माधुरी सक्सेना, मालती, शशि रस्तोगी, शुभी, रूपाली रहे।

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