फर्रुखाबाद:(ब्यूरो) शिव और शक्ति के मिलन का पर्व महाशिवरात्रि शुक्रवार को पूरे भक्तिभाव से मनाया जाएगा। इसकी सभी तैयारियां कर ली गई हैं। शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ का अभिषेक और पूजन जीवन में खुशहाली लाता है। इस पूजन में रुद्राक्ष, बेलपत्र, शहद, धतूरा और दही का विशेष महत्व है।
नगर के रेलवे रोड स्थित पांडेश्वरनाथ मन्दिर, कोतवालेश्वर महादेव मन्दिर, तान्बेश्वर महादेव मन्दिर, हजारी बाबा व मोटे महादेव आदि शिवालयों पर रंगाईपुताई का कार्य पूर्ण हो गया है| शिवभक्तों के लिए पूजा का बाजार गुरुवार सुबह से ही जगह-जगह सज गया।
शिव भक्तों की टोली कांवड़ लेकर रवाना
शुक्रवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए शिव भक्त गंगा से जल भरकर अपने-अपने गन्तव्य पर रवाना हो गये| नगर के कई मार्ग टूटे होंनें से कांबडियों को निकलने में काफी तकलीफ उठानी पड़ी| लेकिन उसके बाद भी श्रद्धालु अपनी-अपनी कांवड़ लेकर रवाना हो गये|
दंपतियों के लिए है कल्याणकारी
आचार्य पंडित सर्वेश शुक्ल के अनुसार यह पर्व उन दंपतियों के लिए अत्यंत महत्व वाला है, जिन पति-पत्नी के बीच भरपूर सुख और सामंजस्य नहीं बन पाता। यह चाहे रुग्णता के कारण हो या फिर किसी अन्य अभाव के कारण। महाशिवरात्रि पर्व पर रात्रि जागरण, जलाभिषेक और व्रत से उनके बीच प्रेम पनप उठता है। शिवरात्रि को जल, दूध, गन्ना का रस आदि पदार्थो से रुद्राभिषेक करने पर आध्यात्मिक के साथ शारीरिक उपचार होता है। इससे मानव को रोग, शोक से मुक्ति मिलती है।
महाशिवरात्रि के लिए शिवालयों का हुआ भव्य श्रंगार
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