भीषण बाढ़ के पानी में घुसकर भाईयों के घर जा रहीं बहनें

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फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए मायके पहुंचने की चाहत में बहनों को बाढ़ के पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। अमृतपुर थाना क्षेत्र के मंझा मड़ैया गांव जाने वाले रास्ते पर करीब चार फीट पानी भरा है। चारों ओर बाढ़ का पानी होने के बावजूद ग्रामीणों को नाव की सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में ससुराल से मायके पहुंची बहनों को पानी में उतरकर रास्ता तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार शासन की ओर से प्रत्येक बाढ़ प्रभावित गांव के लिए दो-दो नाव उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन मंझा मड़ैया जाने वाले रास्ते पर मौके पर एक भी नाव उपलब्ध नहीं है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। रक्षाबंधन के चलते बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके पहुंच रही हैं, लेकिन बाढ़ ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।मैनपुरी निवासी संध्या, विनीता, नेहा समेत अन्य बहनों ने बताया कि वे भाइयों को राखी बांधने के लिए दो दिन पहले ही मायके आ गई थीं। उन्हें अंदाजा नहीं था कि गांव में इतना अधिक बाढ़ का पानी भर जाएगा।नाव नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि हर वर्ष बाढ़ आती है, लेकिन इस बार जैसी स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।ग्रामीणों ने नावों की व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया। एक ग्रामीण ने बताया कि सुबह उसके बेटे की तबीयत खराब हो गई थी। नाव नहीं मिलने पर वह कमर से ऊपर तक भरे पानी में निकलकर अमृतपुर दवा लेने पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी नावें उपलब्ध होने के बावजूद कुछ लोग उन्हें अपने घरों पर रख लेते हैं, जिससे जरूरतमंद ग्रामीणों को समय पर नाव नहीं मिल पाती।मामले में उपजिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू ने कहा कि नावों की उपलब्धता और व्यवस्था की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्षाबंधन के दौरान यदि कोई व्यक्ति सरकारी नाव को अपने घर में रखता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बहनों और ग्रामीणों की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक होने पर संबंधित लेखपाल की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

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