फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की कुटरा शाखा से आरओ वाटर प्लांट लगाने के लिए ऋण लेने के बाद किस्तें जमा न करने के मामले में बैंक प्रबंधन ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस से कार्रवाही न होने पर शाखा प्रबंधक ने न्यायालय की शरण ली है।न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी धीरज भदौरिया ने 28 फरवरी 2020 को उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की कुटरा शाखा से स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आरओ वाटर प्लांट की दुकान खोलने के लिए 4.75 लाख रुपये का ऋण लिया था। बैंक प्रबंधन का आरोप है कि ऋण लेते समय संबंधित व्यक्ति ने बैंक के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और निर्धारित शर्तों के अनुसार ऋण चुकाने का आश्वासन दिया था। शाखा प्रबंधक नितिन सिंह के अनुसार, ऋण लेने वाले ने कुछ किस्तें जमा करने के बाद भुगतान बंद कर दिया और परियोजना भी बंद कर दी। बैंक का आरोप है कि ऋण संबंधी शर्तों का पालन नहीं किया गया। बकाया राशि की वसूली के लिए बैंक की ओर से कई बार संपर्क करने के साथ ही अधिवक्ता के माध्यम से पंजीकृत डाक से नोटिस भी भेजे गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि शाखा प्रबंधक ने इस संबंध में फतेहगढ़ थाने में शिकायत की थी। इसके बाद 4 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई न होने पर 31 जुलाई 2026 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। बैंक प्रबंधन ने न्यायालय से मामले में मुकदमा दर्ज कराकर नियमानुसार विवेचना कराने का आदेश देने की मांग की है।
बैंक से ऋण लेकर किस्त जमा ना करने पर मुकदमा
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