बेसिक शिक्षा का हाल: एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी भी

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फर्रुखाबाद: बेसिक शिक्षा की हालत सुधरने के बजाय दिनों दिन खराब होती जा रही है| एक तो शिक्षक स्कूल जाते ही नहीं अगर जाते भी है तो सिर्फ रजिस्टर में उपस्थित दिखाकर गप्पे मारते रहते हैं| विभागीय अधिकारियों से शिक्षकों की महीनाबंदी के चलते उनके लेट आने का कारण पूंछे जाने पर ऐसे भड़कते हैं जैसे सांड को लाल कपड़ा दिखा दिया हो| कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है चोरी ऊपर से सीना जोरी|

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मंगलवार की सुबह JNI की टीम ब्लाक बढपुर के रायपुर प्राथमिक विद्यालय पहुँचती है| वहां पर स्टाफ में केवल सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार शाक्य, संगीता शाक्य व शिक्षा मित्र अखिलेश कुमारी ही नजर आये| इन से JNI टीम की वार्ता चल ही रही थी तभी दूर सहायक अध्यापिका शिखा दुबे आती दिखाई दीं| टीम ने जब अपनी कलाई पर बंधी घड़ी पर नजर दौडाई तो समय ७:४५ हो रहा था|

सहायक अध्यापिका के विद्यालय प्रांगण में कदम रखने के बाद उन्होंने उपस्थित रजिस्टर उठाया और धड़ाक से उपस्थिति दर्ज कर दी| उनसे लेट आने का कारण पूँछा गया तो अकड़ कर बोली हमारे यहाँ ऐसा ही चलता है, और तुम कौन होते हो यह सब पूंछने वाले| JNI की टीम ने परिचय देते हुए कहा कि हम स्कूलों में शिक्षक उपस्थिति का सर्वे कर रहे हैं, तो इस पर शिखा दुबे बोली कि तुम जो कर सको तो कर लो मुझे कोई नहीं रोक सकता| तो यह हाल है बेसकि शिक्षा का| सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी तहसील दिवस की दुहाई देकर कल दिखवाने की बात कह कर मामले को रफा दफा कर दिया।

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