बाराबंकी: नाबालिग से रेप में जीजा को आजीवन कारावास

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बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में 9 वर्षीया बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी जीजा को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या-44 प्रण विजय सिंह ने मंदबुद्धि बालिका से रेप करने पर अभियुक्त उसके सगे बहनोई अजय गौतम दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास के दंड से दंडित किया है। साथ ही, मामले में दोषी पर 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?

विशेष लोक अभियोजक अजय सिंह, योगेंद्र सिंह और पुरुषोत्तम मिश्रा के मुताबिक, कोतवाली देवा क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी ने 21 जून 2024 को थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया था कि उसकी 11 वर्षीया बहन जो थोड़ी मंदबुद्धि है, 5 दिन पहले अपनी बहन के यहां गई थी। 20 मई को बहनोई अजय गौतम पीड़िता को उसके घर छोड़ने की बात कही। पीड़िता जीजा पर विश्वास करके उसके साथ चल दी। आरोप है कि रास्ते में भुट्टे के खेत में ले जाकर उसके (जीजा) अजय गौतम ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। उसको वादी के घर के बाहर छोड़कर चला गया। पहले तो लोकलाज के कारण वादी ने रिपोर्ट नहीं किया, लेकिन पीड़िता की हालत गंभीर होते देख उसने कोतवाली देवा में घटना की सूचना दर्ज कराई थी।
जांच में रेप की पुष्टि

पीड़िता के माता-पिता का निधन पहले ही हो गया था। उसका भाई ही उसकी देखभाल करता था। मजिस्ट्रेट को दिए बयान और कोर्ट में शपथ बयान में पीड़िता ने बताया था कि उनके जीजा ने उसके साथ गलत काम किया था। मेडिकल रिपोर्ट में भी रेप की पुष्टि हुई। पीड़िता के आंतरिक परीक्षण के दौरान डाक्टर ने शरीर पर चोटें पाईं थी।
कोर्ट का आया कड़ा फैसला
कोर्ट में पीड़िता सहित अन्य गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात गुरुवार को जज प्रण विजय सिंह ने पीड़िता के जीजा आरोपित अजय गौतम को दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाया। जज ने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अर्थदंड की धनराशि जमा होने पर पूरी धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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