प्रेम-प्रसंग में हुआ था दोहरा हत्याकांड , चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) प्रेम-प्रसंग के चलते अपनी ही बहन और उसके प्रेमी की नृशंस हत्या कर शव नाले में फेंकने के सनसनीखेज मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) द्वितीय ने चार सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश सतेंद्र वर्मा ने प्रत्येक दोषी पर 48 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।यह मामला थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव राजेपुर सरायमेदा का है। महावीर सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 6 नवंबर 2022 को दोपहर करीब तीन बजे गांव का ही युवक रतन उसके घर आया और उसके पुत्र रामकरन को बुलाकर अपने साथ ले गया। काफी देर तक पुत्र के वापस न लौटने पर जब वह उसकी तलाश में रतन के घर पहुंचा तो वहां मौजूद रतन, उसके भाई लालू, नितिन उर्फ टनिया, नीतू और कुलदीप ने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोप है कि रामकरन और उनकी बहन शिवानी के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिससे नाराज होकर पांचों भाइयों ने दोनों की गर्दन काटकर हत्या कर दी और शव खंता नगला गांव से पहले पुराने नाले के पास फेंक दिए। इस सूचना के बाद महावीर सिंह अपनी पत्नी जानकी देवी के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पुत्र रामकरन और शिवानी के गर्दन कटी लाशें पड़ी देखीं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पांचों भाइयों के खिलाफ दोहरे हत्याकांड का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान कुलदीप के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उसे मुकदमे से बाहर कर दिया गया। इसके बाद शेष चार आरोपियों—रतन, लालू, नितिन उर्फ टनिया और नीतू—के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता केके पांडेय ने सशक्त पैरवी की। गवाहों के बयान, प्रस्तुत साक्ष्य एवं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है |

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