लखनऊ: यूपी के राजस्व, आपदा प्रबंधन और लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव का आरोप है कि अफसर प्रदेश सरकार को बदनाम कर रहे हैं। मंत्री शिवपाल यादव ने कल बाढ़ राहत कार्यो की समीक्षा के बाद इंजीनियरों को भी आड़े हाथ लिया।
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समीक्षा बैठक के बाद शिवपाल ने पत्रकारों से कहा कि अफसर बाढ़ राहत में लापरवाही कर रहे हैं और बदनामी सरकार की हो रही है। ऐसा करने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। श्री यादव ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकता है। राहत कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मंत्री ने उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कि वे तत्काल बाढ़ प्रभावित जिलों का स्वयं दौरा करें। यही नहीं स्वयं मौके पर जाकर पीड़ितों को मुहैया कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। मंत्री ने बाढ़ से कई जगह बांध टूटने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कुछ इंजीनियर बाढ़ आने का इंतजार करते हैं ताकि बाढ़ के नाम उनकी दिवाली मने। मंत्री ने संतकबीर नगर में सिल्ट सफाई नहीं होने की वजह से बांध टूटने और गोंडा में सात करोड़ रुपये की लागत बनने वाले बांध पर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने के बाद भी हर वर्ष बांध टूटने का जिक्र करते हुए सख्त नाराजगी जताई। शिवपाल ने कौशाम्बी में बाढ़ पीड़ितों को दिए गए सौ से ज्यादा चेक बाउंस होने और हमीरपुर जीआईसी में ठहराए गए बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटे गए आटा के खराब होने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ आने का इंतजार करते हैं इंजीनियर : शिवपाल
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