बाजार बंदी भूल शक्ति प्रदर्शन में लगे रहे सपाई

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फर्रुखाबाद: महंगाई व पेट्रोल मूल्य वृद्वि के विरोध में केन्द्र सरकार के खिलाफ भड़ास निकालने को बाजार बंदी कराने उतरे सपाई बाजार बंदी भूल अपनी-अपनी शक्ति प्रदर्शन में लगे रहे। सपाइयों में इसको लेकर एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए तरह-तरह के हथकन्डे भी अपनाये। कोई रथ पर सवार हुआ तो किसी ने महंगाई के खिलाफ केन्द्र सरकार के पुतले फूंके, तो वहीं कई दिग्गज नेता त्रिपौलिया चौक पर ही जमे रहे।

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समाजवादी पार्टी में नेताओं की भरमार होने के चलते अब नेता एक दूसरे से ऊपर निकलने की जुगत में लगे हैं। पार्टी हाईकमान के निर्देशों को भी उन्होंने मानने से इंकार कर दिया और बाजार बंदी में वे अपने को एक दूसरे से श्रेष्ठ साबित करने में लगे रहे। कोई भी नेता बाजार बंदी के लिए संगठित होकर नहीं उतरा। ऐसा लगा मानो सपा का कोई शक्ति प्रदर्शन हो।

जिलाध्यक्ष राजकुमार राठौर चंद सपाइयों की टोली लेकर अलग डोलते रहे तो वहीं पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, हाल ही में सपा में शामिल हुए हाजी अहमद अंसारी, नागेन्द्र शाक्य, नगर अध्यक्ष महताब खां आदि की टोली अलग रही। पूर्व नगर अध्यक्ष विश्वास गुप्ता के समर्थक चौक पर ही डटे रहे। वहीं राज्यमंत्री नरेन्द्र सिंह यादव के पुत्र सचिन यादव लव अपने समर्थकों के साथ रेलवे रोड से होकर चौक पर पहुंचे। वहीं रजत क्रांतिकारी रथ पर सवार होकर बाजार बंदी कराने सड़क पर उतरे। इसको देखकर लगा मानो सपाई बाजार बंदी करने नहीं एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हैं। हालांकि दुकानदारों ने भी महंगाई व पेट्रोल मूल्य विरोध में बाजार बंदी का समर्थन किया और अधिकतर प्रतिष्ठान बंद रखे।

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