फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) मंडलायुक्त कानपुर मंडल कानपुर के. विजयेंद्र पांडियन ने सोमवार को जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय
निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और प्रभावित ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए
राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।अधिकारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि जिले में गंगा नदी का चेतावनी
बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर तथा रामगंगा नदी का जलस्तर
134.00 मीटर दर्ज किया गया। वर्तमान में तहसील सदर के 12, कायमगंज के 20 और अमृतपुर के 30 गांव सहित कुल 62 गांव बाढ़ से
प्रभावित हैं।जिले में मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें चार शरणालयों में अब तक 630
लोग ठहर चुके हैं, जिन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं। आवागमन तथा खोज एवं बचाव कार्य के लिए सदर तहसील में 19 नाव व छह मोटर बोट, कायमगंज में 20 नाव व पांच मोटर बोट तथा अमृतपुर में 28 नाव व
सात मोटर बोट तैनात की गई हैं। इस प्रकार जिले में कुल 67 नाव और 18 मोटर बोट राहत कार्य में लगी हैं। एनडीआरएफ की एक टीम तथा फ्लड पीएसी की एक कंपनी मोटर बोट व आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अतिरिक्त 53 स्वयंसेवी गोताखोर भी उपलब्ध हैं।स्वास्थ्य सेवाओं के तहत बाढ़ प्रभावित गांवों में 196 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें 11,081 लोगों का उपचार किया जा चुका है। 11,906 ओआरएस पैकेट और 13,629 क्लोरीन की गोलियां वितरित की गई हैं। जिले में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी उपलब्ध है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 63 पशु शिविर लगाए गए हैं, जिनमें 3,974 पशुओं का उपचार और 7,517 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशुओं के लिए 139.98 कुंतल भूसे का वितरण किया जा चुका है।बाढ़ प्रभावित 10 हजार परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों वाले 21 परिवारों को 25 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। वहीं 25 प्रभावित परिवारों को 80-80 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन एवं पट्टा किया गया है। बाढ़ शरणालयों में रह रहे बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए नियमित कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं।मंडलायुक्त ने सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित ग्राम बिलावलपुर के मजरा कटरी धर्मपुर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पशुओं को बाढ़ शरणालय स्थलों पर ही रखा जाए और उनका नियमित टीकाकरण कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के आसपास संचालित स्वास्थ्य इकाइयों पर 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवाएं तैयार रखने के निर्देश दिए।उन्होंने बाढ़ के पानी के कटाव से क्षतिग्रस्त पुलिया, सड़क और संपर्क मार्गों का चिह्नांकन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उनके मरम्मत कार्य की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जा सके। मंडलायुक्त ने ग्राम प्रधान से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा राहत कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रेरित करने की अपील की। साथ ही भविष्य में बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।इसके बाद मंडलायुक्त ने बाढ़ चौकी धारानगरी का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से बाढ़ की स्थिति, निगरानी व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सूखी राहत सामग्री भी वितरित की।मंडलायुक्त ने रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शरणालय में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शरणालयों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, प्रकाश, साफ-सफाई, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार सुचारु रखी जाएं।मंडलायुक्त ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लें और आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराएं।निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार सहित संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मंडलायुक्त, राहत कार्यों का लिया जायजा
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