बवाल में फायरिंग से एक मरा, एसपी व एडीएम घायल

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sitaapurसीतापुर: महमूदाबाद कोतवाली परिसर में युवती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद परिवार को इसकी सूचना न दिए जाने को लेकर उपद्रव हो गया। गुस्साई भीड़ ने कोतवाली का घेराव कर पुलिस पर पथराव किया। जवाब में हुई पुलिस फायङ्क्षरग में एक प्रदर्शनकारी की मृत्यु हो गई। पथराव मेंएसपी राजेश कृष्ण, एडीएम एसके दीक्षित, एसडीएम महमूदाबाद एके ङ्क्षसह समेत दस पुलिस कर्मी व करीब डेढ़ दर्जन अन्य लोग चोटिल हो गए। इसके बाद क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। डीएम ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने कोतवाली के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गंभीरता से लिया है और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घटना के दोनों मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है।

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कोतवाली क्षेत्र में पाल्हापुर रामपुर मथुरा निवासी एवं चीनी मिल के चौकीदार अमर ङ्क्षसह को सोमवार तड़के चार बजे 18 वर्षीय एक युवती भटकती मिली। उसने युवती को नूरपुर के निकट पिकेट के सिपाहियों को सौंप दिया। अपना पता स्पष्ट न बता पाने पर युवती को सिपाही कोतवाली महमूदाबाद ले गए। पुलिस के मुताबिक युवती सुबह पांच बजे कोतवाली परिसर स्थित शौचालय गई पर काफी देर तक उसके बाहर न निकलने पर दरवाजा खोला गया तो अंदर युवती का शव दुपट्टे से लटकता मिला। उसने फांसी लगा ली थी। स्थानीय लोगों और परिवारीजन के आने पर पता चला कि जीनत नामक यह युवती करीब 18 साल की थी। युवती रविवार रात से लापता थी।

युवती के पिता मकबूल बीएसएनएल में कर्मचारी हैं। आरोप है कि परिजन उसे खोजते हुए कोतवाली गए थे, लेकिन पहले पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी। इसी वजह से लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले ही जा रही थी कि भीड़ ने बाहर उसे घेर लिया। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हालात काबू करने के लिए पुलिस को कई राउंड फायङ्क्षरग कर आंसू गैस के गोले दागने पड़े। गोली लगने से पांडेय हाता निवासी मो. नदीम (30) की मौत हो गई। इसके बाद तो भीड़ बेकाबू हो गई और उसने पुलिस जीप को आग के हवाले करने के अलावा पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घायल हो गए। दो दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

आइजी जकी अहमद ने माना कि पथराव और थाने की गाड़ी में आग लगने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। घटना में शामिल लोगों को भी चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी राजेश कृष्ण के मुताबिक एसआइ रवींद्र तिवारी, मुंशी अशोक वर्मा, आरक्षी ब्रम्हदेव चौधरी व कन्हैया लाल ओझा को निलंबित कर दिया गया है और इंस्पेक्टर रघुवीर ङ्क्षसह के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी चल रही है। वीडियोग्राफी के बीच रात एक घंटे चले पोस्टर्माटम के बाद डॉक्टरों की विशेष टीम ने युवती की रिपोर्ट में हैंगिंग बतायी है। हालांकि आगे की जांच के लिए स्लाइड बनाकर प्रयोगशाला भेजी गयी है।

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