फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) विश्वभर में फर्रुखाबाद तबला घराने को नई पहचान दिलाने वाले विश्व प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद साबिर खां का गुरुवार को हृदयाघात से निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से संगीत जगत और फर्रुखाबाद के कला प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई।नगर के चीनी ग्रान मोहल्ले के मूल निवासी उस्ताद साबिर खां वर्तमान में कोलकाता के राजारहाट क्षेत्र में रह रहे थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सॉल्ट लेक स्थित एक
निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।उनका जन्म 4 दिसंबर 1959 को हुआ था। उनके पिता उस्ताद करामतउल्लाह खां रामपुर से कोलकाता आकर बस गए थे, तभी से परिवार वहीं निवास कर रहा है।उस्ताद साबिर खां फर्रुखाबाद घराने के संस्थापक उस्ताद हाजी विलायत अली खां के प्रपौत्र थे और तबला वादन की 33वीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्हें इस घराने की जीवंत सांगीतिक विरासत का प्रमुख संवाहक माना जाता था।बताया
गया कि 16 और 17 मई को कोलकाता में वह अपने दादा उस्ताद मसीत खां की स्मृति में दो दिवसीय संगीत सम्मेलन ‘नौ बहार’ आयोजित करने वाले थे।उस्ताद साबिर खां के निधन पर शहर के कलाकारों, साहित्यकारों और समाजसेवियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।
फर्रुखाबाद घराने के तबला सम्राट उस्ताद साबिर खां का निधन, संगीत जगत में शोक
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