पर्दाफाश: परिजनों ने ही की थी प्रिया व उसके प्रेमी गुड्डा की ह्त्या

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फर्रुखाबाद: पुलिस ने प्रिया हत्याकांड का पर्दाफाश कर उसके भाई संजय वर्मा, मामा मनोज वर्मा व ड्राईवर राम प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयोग की गई लायेसेंसी रिवाल्वर बरामद कर ली|

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एसओजी व इंस्पेक्टर की वाहवाही

पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन ने इस सनसनीखेज केस का पर्दाफाश करने वाली एसओजी टीम के प्रभारी नरेन्द्र व सहयोगी कायमगंज के इंस्पेक्टर विजय कुमार मिश्र के कार्यों की सराहना की तथा इनाम दिलाने का वायदा किया|

इलाहाबाद से पकडे गए थे प्रेमी युगल

पुलिस अधीक्षक द्वारा बताई गई घटना इस प्रकार है निकाह करने के बाद गुड्डा व प्रिया कोर्ट मैरिज करने के लिए इलाहाबाद गए| इस बात की जानकारी मिलने पर संजय ने दोनों को वहां ढूंढ लिया और विवाह करा देने का झांसा देकर उन्हें कानपुर होकर जयपुर ले गए|

पुल पर ही की गई थी ह्त्या

PRIYA KA BHAI SANJAY

दूसरे दिन जयपुर से लेकर कन्नौज के ग्राम कूल्हापुर स्थित काली नदी के पुल पहुंचे वहां संजय के अलावा मनोज, ड्राईवर उमेश, गौरव व टीटू गुप्ता मौजूद थे| पहले गुड्डा की जमकर पिटाई की गई उसके मुंह में तेजाव डाला गया बाद में संजय ने अपनी लायेसेंसी रिवाल्वर से उसके तीन गोली मारी| उसके बाद संजय ने ही प्रिया के सिर में गोली मारकर ह्त्या की|

गुड्डा का शव दबाया गया गहराई में

PRIYA KA MAMA MANOJ

शिनाख्त कराने के उद्देश्य से प्रिया के प्रमाण पत्र उसकी पैंटी में तथा सोने की चैन व रुपये उसकी ब्रा में छिपाए गए| प्रिया के शव को पत्थर के पास पानी में डाला गया जबकि गुड्डा के शव को नदी के दूसरी तरफ काफी गहराई में दबाया गया| इस पूरे हत्याकांड की योजना मनोज के आवास पर बनी थी और पूरे मामले की जानकारी संजय की माँ व् उनकी पत्नी आदि परिजनों को थी|

अल्पसंख्यक से प्रेम करना बना मौत का कारण

संजय के साथ ही उसकी माँ को भी यह बात सीने में आग की धधक रही थी कि प्रिया ने अल्पसंख्यक समाज के युवक गुड्डा उर्फ़ नगीम के साथ प्यार किया और उसी के साथ घर से भाग गई|

दाहसंस्कार में जल्दबाजी से पुलिस हुई सक्रिय

परिजनों ने जिस तरह रात के समय प्रिया के शव का दाहसंस्कार करने में जल्दबाजी दिखाई तभी से पुलिस का माथा ठनका पुलिस अधीक्षक का मानना है कि हिन्दू धर्म में सूर्यास्त के बाद शव का दाहसंस्कार नहीं किया जाता| इसी जल्दबाजी के बाद शक की सुई पीड़ितों की ओर ही घूमने लगी| पुलिस मोबाइल फ़ोनों को सर्विलांस पर लगाकर सवूतों को एकत्र कर रही थी|

शिनाख्त के लिए छोड़े गए थे प्रमाणपत्र

प्रेमी युगल के ह्त्या वाले दिन उमेश के मोबाइल फोन का लोकेशन भी काली नदी पुल पर मिला था| प्रिया की शिनाख्त कराने एवं पुलिस को भटकाने के उद्देश्य से उसके पास सोने की जंजीर व २५०० रुपयों के अलावा प्रमाणपत्र छोड़े गए थे| इस बात को भी पुलिस ने काफी गंभीरता से लिया|

गुड्डा के शव बरामदगी के प्रयास

अब पुलिस गुड्डा के शव को काली नदी से निकालने में सक्रिय हो गई है पुलिस संजय के भतीजे गौरव वर्मा व उनके मित्र टीटू वर्मा को भी सरगर्मी से तलाश कर रही है| जांच में संजय की माँ आदि लोगों के भी अभियुक्त बनने की संभावना है| पुलिस आरोपियों पर गैंगेस्टर लगायेगी|

ड्राईवर की जिन्दगी बर्बाद

DRIBER UMESH

आरोपी उमेश यादव थाना कमालगंज के ग्राम चौपेडा निवासी रामप्रकाश का पुत्र है| उमेश ने बताया कि मुझे १५ सौ रुपये वेतन मिलता है मालिक के साथ रहने के कारण मेरी जिन्दगी बरवाद हो जायेगी| जबकि संजय वर्मा ने पत्रकारों के समक्ष स्वीकार किया कि उन्होंने प्रिया व गुड्डा की ह्त्या किस तरह और क्यों की है?

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