पत्थरबाजों के खिलाफ बजरंग दल का धरना

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फर्रूखाबाद: बजरंग दल ने कश्मीर में पत्थरबाजों द्वारा सेना पर अचानक हमला बोल देते हैं, ऐसे लोगों को आतंकवादी घोषित कर उनके खिलाफ कार्यवाही कराये जाने की मांग राष्ट्रपति से की है। अतिरिक्त उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र भेजा है। मजे की बात यह है की शराब ठेकों पर लूटपाट और तोड़फोड़ करने की मुख्य आरोपी राममूर्ति यादव खुलेआम नारे बुलंद करती रही| लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ने की हिम्मत नही जुटाई|

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जम्मू कश्मीर प्रांत की कश्मीर घाटी में सेना सुरक्षा बल पर पत्थरबाजी की घटनायें निरंतर बढ़ती ही जा रही है। विगत दिवस सेना जब आतंकवादियों से मोर्चा संभाले थी, उस समय स्थानीय भीड़ ने पत्थरों से सेना पर हमला कर दिया और उनके साथ लूटपाट व मारपीट की गयी। जब हमारे सुरक्षा बल ऐसे उपद्रवियों के साथ कोई कार्यवाही करते हैं तो अनेक मानवाधिकार संगठन इन अमानवीयो के समर्थन में सेना के विरूद्ध खड़े हो जाते हैं। इससे सेना का मनोबल टूटता है और साथ ही भारत भक्त नागरिकों की भावना को आहत होता है। राष्ट्रपति से मांग की है बजरंग दल कि पत्थरबाजों के विरूद्ध आतंकवादियों के खिलाफ जो कार्यवाही की जाती है, वही कार्यवाही इन पर भी की जाये। इससे पूर्व जिलाधिकारी के कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर धरना दिया। इस दौरान बजरंग दल के जिला संयोजक अरविंद चौहान, विश्व हिन्दू परिषद के जिलामंत्री रविन्द्र सिंह भदौरिया, सुधीर कुमार अग्रवाल, राममूर्ति यादव, प्रवेश कोरी, प्रदीप सिंह, प्रवीन कुमार, अमन कुमार, उपेन्द्र चैहान, सत्यपाल सिंह, प्रबल प्रताप सिंह, गंगा प्रसाद, राघवेन्द्र सिंह, हरिओम बाल्मीकि, प्रमोद मिश्रा, अंकित, संजय सिंह, हरिवंश सिंह परिहार आदि।

वही शराब के ठेके में तोड़फोड़ व लूटपाट के मामले के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बीते माह बीते माह कई जगह दबिश दी, लेकिन खाली हाथ लौटी। मंगलवार को बजरंग दल के धरना प्रदर्शन में जिलाधिकारी कार्यालय पर लगभग एक घंटे तक घटना की मुख्य आरोपी राममूर्ति यादव खुलेआम बैठी रही। वहां मौजूद पुलिस कर्मियांे को इसकी जानकारी भी हो गयी, लेकिन पुलिस गिरफ्तारी के लिए हिम्मत नहीं जुटा सकी।

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