फर्रुखाबाद:(कायमगंज) विभाग की खाऊ कमाऊ निति के चलते नौनिहाल मौत के मुंह में चला गया| बीएसए ने फ़िलहाल अपनी कुर्सी बचाने के लिये केस तो दर्ज करा दिया लेकिन उन हत्यारों का क्या होगा जिन्होंने नौनिहालों के जीवन से खिलबाड कर एक छात्र की बली ले ली| जिले का यही विधालय नही 80 प्रतिशत गैर मानक से बनाये गये है| किसी की छत टूटी है तो किसी का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है| अधिकारीयों के पास सूची भी है लेकिन कोई कुछ नही कर रहा| पहले भी विधालयों में हादसे हुए मुकदमे लिखे लेकिन कार्यवाही क्या हुई यह आज तक कोई जान ही नही पाया|
बेसिक शिक्षा अधिकारी को बहुत पहले ही जेएनआई ने समाचार के माध्यम से अवगत कराया था की जिले के बच्चे पुराने विधालयों में पढने को मजबूर है| लेकिन उसके बाद भी विभाग की नींद नही टूटी और मासूम छात्र ग्राम मोती नगला निवासी 10 वर्षीय मदनलाल पुत्र संतराम राजपूत की प्राथमिक विधालय पंक्षी नगला में छज्जा गिरने से मौत हो गयी| जिसके बाद विभाग की कलई भी खुली| किस तरह विभाग चंद पैसो के खातिर मासूमों की जान को जोखिम में डालने से बाज नही आटा | दौरे भी होते है लेंकिन किसी को कुछ दिखाई नही देता| क्योंकि हमाम में तो सब ही एक जैसे है|
बीएसए राजुकुमार पंडित ने कोतवाली कायमगंज में तहरीर देकर वर्ष 2004-5 के भवन प्रभारी प्रमोद यादव, अबर अभियंता व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया| जिसमे कहा गया कि छज्जे की सरिया मुख्य दीवार में ठीक से नही डाली गयी| निर्माण भी अमानक तरीके से हुआ है| सबाल यह खड़ा होता है जिस समय जनता के पैसों से बनने वाले सरकारी भवन का निर्माण भवन प्रभारी भ्रष्टाचार की नीव पर बना रहा था कोई विभागीय अधिकारी देखने क्यों नही गया| यदि निर्माणाधीन भवन के दौरान चेक करने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारी की है तो तत्कालीन अधिकारी भी दोषी है| सरकारी महकमा जाँच की बात कर रहा है| लेकिन पूर्व से ही तय है कि जाँच में कोई आंच नही आने वाली|
बीएसए ने बताया की मुकदमा दर्ज करा दिया है| जाँच में सब साफ होगा|
पंक्षी नगला के भवन प्रभारी व जेई सहित तीन पर मुकदमा
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