नीर भरी दुख की बदली की रचयिता को किया याद

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फर्रुखाबाद:(नगर प्रतिनिधि) छायावाद की महान कवयित्री महादेवी वर्मा की 33 वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को पल्ला तिराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर साहित्यकारों ने पुष्पार्चन कर उन्हें नमन किया। महादेवी ने संवेदना, वेदना व आग्नेय चेतना से समाज को संबल देने का कार्य किया।
साहित्यिक संस्था अभिव्यंजना की ओर से सुबह साहित्यकारों नें महादेवी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। संस्था के समन्वयक भूपेन्द्र सिंह नें कहा कि महादेवी की छायावादी कविताओं में समाज की एकरूपता झलकती है। डा.शिवओम अंबर ने ‘नहीं हलाहल शेष, तरल ज्वाला से अब प्याला भरती हूं’ रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि सामाजिक समस्याओं को दूर करने के लिए वह ज्वाला बनने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि महादेवी ने संवेदना, वेदना व आग्नेय चेतना से समाज को संबल देने का कार्य किया। साहित्यकारों ने महादेवी वर्मा अमर रहे के नारे भी लगाए।  नलनीश श्रीवास्तव, रवि शुक्ला (नटखट), संस्कार भारती के प्रांतीय मंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय, ब्रजकिशोर सिंह किशोर, वैभव सोमवंशी, डॉ० रजनी सरीन के प्रतिनिधि उदयपाल, भारती मिश्रा, संजय गर्ग, अनुराग पाण्डेय रिंकू आदि रहे|
दीप संस्था के नेतृत्व में महीयसी महादेवी वर्मा की 33 वीं पुण्यतिथि पर पुष्प अर्पित किए गये| अध्यक्ष निमेष टंडन, सचिव राज गौरव पांडेय, कुलभूषण श्रीवास्तव आदि लोगों ने पुष्प अर्पित किए

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