दुर्भाग्य से अपनी अस्मिता के लिए कराह रही हिंदी

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) मंगलवार को हिंदी दिवस के अवसर पर फतेहगढ़ महोत्सव आयोजन समिति की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में हिंदी के खो रहे अस्तित्व पर गहरी चिंता व्यक्त की गयी|
फतेहगढ़ के ग्वाल टोली स्थित शाकिर अली मंसूरी के आवास पर हिंदी पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया| जिसमे वक्ताओं नें हिंदी के खोते जा रहे अस्तिव पर गहरी चिंता व्यक्त की| वक्ताओं नें कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसी मातृभाषा में हम पले बढ़े हैं, समुदाय में रहे हैं। ऐसे में अपनी मातृभाषा पर हम सब को गर्व है। लेकिन इसके साथ ही वह अस्तित्व के लिए कराह रही है| मुख्य अतिथि एडवोकेट जबाहर सिंह गंगवार, शिक्षिका मुमताज बेगम आदि ने विचार व्यक्त किये|  संचालन मजहर मोहम्मद खान नें किया| सभी का अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया| सपा नेता युनुस अंसारी, रिजवान अहमद ताज, मोनू यादव, डॉ० शाकिर अली मंसूरी, मोहसीन समशी, फरियाब खान आदि रहे|

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