चित्रकूट डिप पर गंगा का बढ़ा जलस्तर, बैरिकेडिंग के बावजूद जान जोखिम में डालकर निकल रहे वाहन

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फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) थाना क्षेत्र के बदायूं रोड स्थित चित्रकूट डिप पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। सड़क पर पानी भरने के बाद पुलिस ने वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। इसके बावजूद कुछ वाहन चालक बैरिकेडिंग को नजरअंदाज कर जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से वाहन निकाल रहे हैं। चित्रकूट डिप पर करीब दो से तीन फीट पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। इसके बावजूद छोटे-बड़े वाहन पानी को पार करते दिखाई दे रहे हैं। तेज बहाव के बीच वाहनों के गुजरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी का बहाव भी तेज है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकना जरूरी है। बैरिकेडिंग मजबूत करने की मांग पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद वाहन चालकों द्वारा बैरिकेडिंग पार किए जाने पर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। लोगों ने प्रशासन से बैरिकेडिंग को और मजबूत करने तथा डिप से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कराने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।35 गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के करीब 35 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। सबलपुर, कंचनपुर, भूढ़िया भेड़ा पश्चिमी, गोटिया पश्चिमी, पूर्वी गोटिया, जमापुर, तीस राम की मड़ैया और अंबरपुर सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। पानी बढ़ने से खेत और रास्ते प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग के कैंप बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगाकर दवाओं का वितरण शुरू किया है। ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह भी दी जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत के अनुसार राहत व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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