दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के भाई के घर मिली सरकारी एम्बेसडर कार

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लखनऊ:(जेएनआई)  कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकारू गांव में गुरुवार-शुक्रवार रात प्रदेश के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद फरार दुर्दांत अपराधी का तलाश में पुलिस की सौ टीमें लगी हैं। पुलिस की टीमें इसी अभियान के तहत लखनऊ में भी छापा मार रही है। लखनऊ के आज पुलिस को विकास दुबे के भाई के दीप प्रकाश मकान में सरकारी एम्बेसडर कार मिली है। कार का रजिस्ट्रेशन नम्बर सरकारी है। कार विशेष सचिव राज्य संपत्ति विभाग के नाम पर पंजीकृत है।
आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे के कानपुर में ढहाने के बाद पुलिस को उसकी प्रदेश में अन्य संपत्तियों की भी तलाश है। लखनऊ में उसके मकान पर छापा मारने के बाद आज भी पुलिस की एक टीम ने उसके भाई के लखनऊ के मकान पर फिर छापा मारा। जहां पर पुलिस को एक सरकारी एम्बेसडर कार (UP 32-बीजी-0156) मिली है। यह कार सरकारी है और विशेष सचिव राज्य संपत्ति के नाम पंजीकृत है। पुलिस ने दीप प्रकाश के घर मिली इस सरकारी नम्बर की कार को कब्जे में ले लिया है। कार नीलामी में खरीदी गई थी जो अभी तक ट्रांसफर नहीं कराई गई थी।
विकास के भाई दीप प्रकाश के घर पर खड़ी सरकारी नम्बर की एम्बेसडर की डिग्गी खोलकर पुलिस ने छानबीन की। पुलिस को आज भी विकास दुबे, उसकी पत्नी तथा बच्चों पता नही चला है। पुलिस ने विकास के छोटे भाई दीप प्रकाश की पत्नी अंजली को हिरासत में लिया था। आज उनको घर पर छोड़ दिया। विकास और दीप प्रकाश के घर पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा लगाई गई है। पुलिस अंजली और विकास की मां सरला से जानकारी जुटा रही है।
विकास दुबे ने कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र में मकान बनवा रखा है, पड़ोस में ही भाई दीप प्रकाश भी अपने मकान में मां तथा पत्नी के साथ रहता है। दीप प्रकाश की पत्नी गांव में प्रधान है। दीप प्रकाश शुक्रवार से घर से गायब है जबकि पत्नी को कल हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने छोड़ दिया था।
इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने विकास और उनके भाई के घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान यहां सिर्फ दीपू की पत्नी अंजली मिली। अंजली को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

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