दहेज़ उत्पीड़न के मुकद्दमे की रंजिश में महिला की ह्त्या कर शव फेंका

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फर्रुखाबाद: दहेज़ उत्पीड़न के मुकद्दमे की रंजिश में महिला की ह्त्या कर उसका शव काली नदी में फेंक दिया| जिसकी शिनाख्त कर उसके पति, सास व ससुर समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

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मृतिका के पिता सियाराम ने बताया कि वर्ष 2001 में उसने पुत्री ओमवती की शादी थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव मझगवां निवासी गिरवर वर्मा के पुत्र महेश के साथ की थी। उसके ५ वर्षीय खुशबू व ३ वर्षीय गुड़िया हैं। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल 2008 को ससुरालीजनों ने लेंटर डलवाने के लिए 40 हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर पुत्री को पीटकर घर से निकाल दिया था। 1 मई 2008 को पिता की तहरीर पर पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।

सियाराम ने बताया कि १४ जून २०११ को महेश व उसके पिता गिरिवर दयाल से आपसी समझौते के बाद मैंने अपनी पुत्री को ससुराल भेज दिया| रक्षाबंधन पर पुत्री ओमवती अपने घर आई थी| दो दिन बाद मै पुत्री ओमवती को छोड़ने उसके ससुराल गया था| तभी मेरे समधी गिरवर दयाल ने धमकी देते हुए कहा कि न्यायालय में समझौता कर लो अन्यथा अंजाम भुगतने को तैयार रहो|

उसने बताया कि अपनी पुत्री छोड़ने के बाद घर वापस आ गया| २३ अगस्त को मेरे दामाद महेश ने फोन पर बताया कि आपकी लड़की घर से कहीं चली गयी है| रिश्तेदारी में तलाशने के बाद जब पुत्री का कहीं पता नहीं चला तो मैंने २६ अगस्त को थाना जहानगंज में अपनी पुत्री की गुमुशुदगी दर्ज करवा दी|

सियाराम ने बताया कि आज सुबह पुत्री के ससुराल के ग्राम वासियों ने फोन कर जानकारी दी कि आपकी लड़की का शव उधरनपुर (काली नदी) के पास पडा है| मैंने अपने भाई पूर्व सैनिक कुंवर सिंह के साथ मौके पर पहुंच कर शव की शिनाख्त अपनी पुत्री ओमवती के रूप में की।

पुलिस ने सियाराम की तहरीर पर पति महेश, ससुर गिरवर, सास, ननद हंस मुखी, ननदोई, देवर स्वामीदयाल के खिलाफ मारपीट कर हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में पुलिस ने मझगवां गांव में हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दी लेकिन घर में ताला लगा मिला। कार्यवाहक थानाध्यक्ष रमेश चंद्र यादव ने बताया कि हत्या लगभग 3 दिन पूर्व की गई है।

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