दलित महिला को दवंगों ने ज़िंदा फूँका, पुलिस ने पति को ही पकड़ा

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फर्रुखाबाद|21july: मुख्यमंत्री मायावती की सरकार में पीड़ित दलितों के साथ पुलिस अपराधी की तरह पेश आती है.

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फर्रुखाबाद जिले की पुलिस ऐसे कारनामे करके आरोपियों से मोटी रकम बसूल रही है. कोतवाली कायमगंज के ग्राम जिजपुरा निवासी रामरतन जाटव की ३२ वर्षीय पत्नी सुशीला को बीता रात दवंगों ने मिट्टी तेल डालकर ज़िंदा ही फूंक दिया.

उसकी बीती रात ३:४५ बजे लोहिया अस्पताल में मौत हो गयी. सुशीला शाहजहांपुर थाना कलान के जरियनपुर नवादा निवासी इतवारी की पुत्री थी. उसके तीन लड़कियां हैं. सुशीला की जेठानी मुन्नी देवी व् भतीजा विपिन आदि पुलिस का सहयोग न मिलने से काफी रोष में दिखे.

मुन्नी ने बताया कि तम्बाकू की दलाली करने वाले गाँव के लडैते ने रामरतन को जमकर शराब पिलाई. नशे में विवाद होने पर रामरतन की पिटाई की गयी. जब वह जान बचाकर घर पहुंचा. तो लडैते अपने बेटे कमलेश, विमलेश, शैलेश के साथ घर में घुश आये जिसका विरोध करने पर कमलेश ने वहां डिब्बे में रखा मिट्टी का तेल सुशीला पर उड़ेल दिया और आग लगा दी.

पुलिस ने विमलेश को पकड़ने के बाद छोड़ दिया. मुन्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रामरतन को कल शाम को ही पकड़ लिया था जिसे आज दोपहर छोड़ा गया. रामरतन के दोपहर बाद तक लोहिया अस्पताल न पहुँचने के कारण दुखी परिवार वालों ने सुशीला का पंचनामा भरने का विरोध किया.

इन्स्पेक्टर भगवान् सिंह ने बताया कि रामरतन ने राम लडैते के विरुद्ध धरा ३०६, ३२३, ५०४ व् ५०६ के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है. नशे में होने के कारण रामरतन कोतवाली में बैठा रहा.

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