त्योहारों से पहले मिलावटखोरों की बल्ले-बल्ले !

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फर्रुखाबाद : मिलावट के बाजार में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। यूं तो आम दिनों में भी मिलावट होती है लेकिन त्योहारों से पहले तो मिलावटखोर पूरी जोर-जुगाड़ के साथ तैयारी करते हैं। दीपावली नजदीक है, ऐसे में मिलावटी सरसों तेल भी बाजार में पहुंचने लगे हैं। कई ब्रांड तो ऐसे हैं जो प्रशासन की नाक के नीचे ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर के विभिन्न बाजारों में खपाये जा रहे हैं। खाद्य तेल कारोबार से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मिलावटी तेल राइस ब्रान (चावल की भूसी) तेल को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसके अलावा कई केमिकल व एसेंस द्वारा सरसों का तेल तैयार किए जाने के मामले भी प्रकाश में आए हैं, बावजूद इसके कार्रवाई सिफर ही रही है। सूत्रों के मुताबिक राइस ब्रान ऑयल लगभग 60 रुपये लीटर आता है जबकि सरसों का शुद्ध तेल सत्तर रुपये लीटर से अधिक में है। मिलावटखोर सरसों के तेल में राइस ब्रान ऑयल मिलाकर टिन तैयार करते हैं और इसी कारण इनके दाम ब्रांडेड तेल के मुकाबले कम हो जाते हैं। त्योहारों के मौके पर मिलावटखोर इस तेल की कीमत भी शुद्ध तेल के बराबर कर देते हैं। बड़े पैमाने पर सरसों के तेल में मिलावट होने के बावजूद पिछले कई महीनों से इसकी जांच तक नहीं हुई। बाजार में हर छोटी बड़ी दुकान पर खाद्य तेल के तमाम ब्रांड लग गए हैं।

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बाजार में बिक रहे मिलावटी तेल के डिब्बे व पाउच पर भी कई कमियां हैं। मसलन इन पैकिंग पर न तो निर्माता का नाम हैं और न ही वितरक का। केवल पैकर्स का नाम लिखा हुआ जो कि नियम के विपरीत है। इसी तरह से तेल में शुद्धता प्रतिशत का भी कोई उल्लेख नहीं किया गया है और फुटकर मूल्य भी मनमाने दर्ज हैं।

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