तरुण तेजपाल की अग्रिम जमानत याचिका हुई खारिज

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tarun tezpalपणजी: अपनी सहकर्मी के साथ यौन हमले के आरोपी तरुण तेजपाल की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि तेजपाल गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। वह बराबर अपनी बातों से पलट रहे हैं। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि आरोपी के साथ वकीलों की फौज है, उन्हें क्या बयान देना है, सिखा सकते हैं। ऐसे में सच्चाई बाहर नहीं आएगी, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।

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अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने पीड़ित परिवार को धमकाने की कोशिश भी की है, दिल्ली में एफआईआर भी दर्ज हुआ है, इसलिए यह मामला अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज करने के लिए उपयुक्त है।

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सरकारी वकील सरेश लोतलीकर ने दलील दी कि प्रथमादृष्टया तेजपाल के खिलाफ एक मामला बनता है और इसलिए पुलिस हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करना चाहती है। उन्होंने कहा, आरोपी विभिन्न बयानों के जरिये गिरगिट की तरह रंग बदल रहा है। सरकारी वकील ने कहा कि पीड़िता अपने बयानों पर अडिग रही है। उन्होंने कहा कि इस माह की शुरुआत में गोवा में जहां यह घटना हुई, उस होटल की सीसीटीवी फुटेज बलात्कार के आरोपों की पुष्टि के पर्याप्त संकेत देती है। सरकारी वकील ने यह भी दलील दी कि तेजपाल गोवा पुलिस के लिए उपलब्ध नहीं थे और वह उसी समय पेश हुए, जब उन्हें अदालत से अंतरिम राहत मिल गई।

तेजपाल की वकील ने अदालत में दलील पेश करते हुए कहा कि तेजपाल तब तक गोवा में रहने के लिए तैयार हैं, जब तक जांच एजेंसी को उनकी यहां जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल मुंबई भी नहीं जाएंगे, जहां इस समय महिला पत्रकार रह रही है। गीता ने कहा, इस बात की कोई आशंका नहीं होनी चाहिए कि वह (तेजपाल) सबूतों या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करेंगे। उन्होंने तेजपाल के देश से बाहर चले जाने की संभावना से भी इनकार करते हुए कहा कि वह प्राथमिकी से पहले या बाद में भागे नहीं।

अदालत ने तेजपाल को आज सुबह तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले तेजपाल यहां अपराध शाखा के कार्यालय पहुंचे और कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तेजपाल से पूछताछ नहीं की गई और वह वहां 10 मिनट तक रुके।

शुक्रवार को तेजपाल गोवा पुलिस के सामने पेश हुए, जहां उनके साथ पूछताछ हुई। सूत्रों की मानें तो तेजपाल की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं, क्योंकि होटल के सीसीटीवी की तस्वीरें पीड़ित लड़की के बयान से मेल खा रही हैं।

इस बीच, शुक्रवार को कोर्ट से तेजपाल के वकीलों को भी फटकार सुननी पड़ी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आपकी ओर से दी गई दलीलों से ऐसा लग रहा है कि जैसे पीड़ित लड़की ही दोषी है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुजा प्रभुदेसाई ने अदालत में सार्वजनिक तौर पर पीड़िता का नाम लेने पर तेजपाल की वकील को जमकर फटकार लगाई। शुक्रवार दोपहर को डेढ़ घंटे के दौरान भी अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों के अपनी बात खत्म नहीं कर पाने के कारण अग्रिम जमानत पर सुनवाई शनिवार सुबह 10 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

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