डेढ़ किलो सोने का झांसा देकर आठ लाख ठगने वाला धरा गया

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फर्रुखाबाद: जनपद में चोर, बदमाश, लुटेरे, ठगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। आये दिन आपराधिक घटनायें हो जाती हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे तहरीर आने का इंतजार करती है। फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में आज फिर एक फर्नीचर व्यवसायी को ठगई का शिकार बना लिया गया। जिससे डेढ़ किलो सोना देने के लालच में आठ लाख रुपये ठगने का जाल बिछाया गया लेकिन ठग अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सके। एक युवक को लोगों ने पकड़कर पुलिस को भी सौंपा है।

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अपनी जादुई बातों से प्रभावित करते हुए एक व्यक्ति मछली टोला फतेहगढ़ में एक फर्नीचर की दुकान पर पहुंचा उसने कहा कि मेरा नाम केशव है, मैं इलाहाबाद में लेवर का काम करता था। उस समय निहास खोदते समय एक कलश मिला था। लोगों ने बताया कि अगर कोई चीज मिलती है तो सरकार के खाते में चली जाती है उसी रात मैं वहां से भाग आया। मैं एम पी का रहने वाला हूं मेरे पास जो जेबर है मैं उसे बेचना चाहता हूं। उसने दो चांदी के सिक्के निकाले और फर्नीचर मालिक शिवराम सिंह पुत्र भीकम सिंह निवासी हाथी खाना को दिये। उन्होंने चेक किये। जब उन्हें लगा कि यह सिक्के चांदी के ही हैं तो उसने कहा कि एक सिक्के की कीमत 1805 रुपये की है तो उसने एक पोटली और दिखायी उसमें करीबन डेढ़ किलो सोना था। उसने कहा कि मैं इसे बेचना चाहता हूं तो शिवराम ने कहा कि यह तो काफी कीमती है, मैं इसे नहीं ले सकता। उसने कहा कि मैं इसे मात्र आठ लाख रुपये में सारा दे दूंगा।

लालच में आकर शिवराम ने कहा कि आज मेरे पास रुपये की व्यवस्था नहीं है। मंगलवार को आ जाना मैं आपको रुपये की व्यवस्था करके दूंगा। उसी बीच शिवराम की मुलाकात संजय कटियार निवासी धन्सुआ से हुई। जिसने बताया कि उसकी भी भीमसेन मार्केट में फर्नीचर की दुकान है। ऐसा ही एक व्यक्ति जून के महीने में उसे भी ढाई किलो सोने का लालच देकर ढाई लाख रुपये ठग ले गया। उसने अपना नाम ग्रीश बताया था। यह सुनकर शिवराम चकित रह गये और शिवराम ने सोना खरीदने के बजाय ठग को पकड़ने की जुगत भिड़ाई।

पूर्व वादे के मुताबिक ठग केशव दोबारा शिवराम की दुकान पर पहुंचा और कहा कि रुपयों की व्यवस्था हो गयी। जिस पर शिवराम ने कहा कि मात्र चार लाख रुपये की व्यवस्था हुई है। जिस पर ठग केशव ने कहा कि चार लाख रुपये उधार कर लेंगे आप रुपये लेकर चलो मैं अपने ताऊ से माल दिलवाऊंगा। जैसे ही ठग आगे बढ़ा तो शिवराम ने रुपयों का झोला दुकान में रख दिया और केशव को पकड़ लिया। केशव ने भागने की कोशिश की तब तक अन्य लोग भी आ गये। ठग केशव को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

जिसके बाद इस व्यक्ति ने पुलिस को अपना नाम सुमित पुत्र गंगाराम निवासी लक्ष्मी नगर मथुरा का बताया और कहा कि वह कपड़े की फेरी का काम करता हूं, इन लोगों ने उसे झूठा फंसाने के लिए पकड़वा दिया।

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