डीआईओएस कार्यालय में दशकों से जमे लिपिक हटाने को शिक्षकों का प्रदर्शन

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फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे के नेतृत्व में माध्यमिक शिक्षकों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि एक ही पटल पर डीआईओएस कार्यालय में बने रहने से भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत हो रही हैं। जिससे डीआईओएस कार्यालय में बिना घूस के कोई काम नहीं किया जाता। शिक्षकों ने वर्षों से एक ही पटल पर कार्यरत लिपिकों का हटाने की मांग की।

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माध्यमिक शिक्षक संघ के नेताओं का कहना है कि प्रदेश से लेकर जनपद स्तर के शिक्षा कार्यालयों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। सभी कार्यालयों में अनेक लिपिक येन केन प्रकारेण एक ही सीट पर पिछले एक दशक से जमे हुए हैं। कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार में उक्त लिपिकों की महती भूमिका है। अतः संगठन राज्य सरकार से मांग करता है कि परीक्षण करके ऐसे लिपिकों को अविलम्ब अन्य जनपदों को स्थानांतरित किया जाये। कानपुर देहात के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण फार्मों में रिश्वत लेने का विरोध करने पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ कानपुर के प्रदेश मंत्री हेमराज सिंह गौर एवं अन्य पदाधिकारियों पर लिपिकों एवं कर्मचारियों ने भ्रष्ट जिला विद्यालय निरीक्षक की राय से प्राणघातक हमला किया। यह इन्हीं भ्रष्ट लिपिकों की देन है। संगठन इस प्रकार के कृत्यों की घोर निंदा करता है एवं राज्य सरकार से मांग करता है कि उक्त प्रकरण में दोषी अधिकारी एवं उनके ड्राइवर को अविलम्ब दण्डित किया जाये।

संगठन पदाधिकारियों ने मांग की कि तदर्थ शिक्षकों को विनियमितीकरण किया जाये। एलटी वेतनमान के पूर्ण योग्यताधारी शिक्षकों को स्नातकोत्तर उपाधि के बिना प्रोन्नति वेतनमान दिया जाये। अंशकालिक शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक घोषित किया जाये। 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को नवीन अथवा पुरानी किसी भी पेंशन योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जिसे शीघ्र लागू किया जाये। प्रदेश के शिक्षकों को आवास भत्ता, वेतन बैंड एवं ग्रेड पे जोड़कर कुल का 10 प्रतिशत केन्द्रीय कर्मियों की तरह स्वीकृत किया जाये।

इस दौरान नरेन्द्रपाल सिंह सोलंकी, नवलकांत अग्निहोत्री, जेपी दुबे, अनिल सिंह, मोहित तिवारी, ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह, जयसिंह, अवधेश दीक्षित, संजीव सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

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