टीआई के अमानवीय कृत्य से कई दलों में आक्रोश

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फर्रुखाबाद: यातायात प्रभारी के द्वारा बीते दिन गरीब के कमाने-खाने का जरिया मिट्टी में मिला देनें और  उसकी पिटाई करने के मामले में तूल पकड़ लिया है| कई राजनैतिक व सामाजिक संगठनों में उबाल आ गया है| सभी ने एक स्वर में यातायात पुलिस की कड़ी निंदा कर कार्यवाही की मांग की है|
विदित हो की बीते दिन सेन्ट्रल जेल चौराहे पर दोपहर को जाम के हालात थे| तकरीबन एक घंटे जाम के बाद यातायात प्रभारी देवेश कुमार अपने हमराह साथियों के साथ मौके पर पंहुचे और उन्होंने सड़क के किनारे कपड़ो पर प्रेस (इस्त्री) का कार्य कर रहे प्रदीप कुमार की मेज को तोड़ दिया और कपड़ों को इधर-उधर फेंक दिया| कपड़ो में कुछ पुलिस कर्मियों की वर्दी भी इस्त्री होने आयी थी| उन्हें भी जमीन पर फेंक दिया गया|
इस घटना को जेएनआई ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था| जिसके बाद जिले के कई राजनैतिक और सामाजिक संगठनों मित्र कही जाने वाली पुलिस की कड़ी निंदा की है| समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव मंदीप यादव (एडवोकेट) ने कहा कि यातायात प्रभारी द्वारा जो कृत्य किया गया वह निंदनीय है| किसी भी पुलिस अधिकारी को इस तरह से किसी गरीब पर हमला कर नुकसान करने का कोई अधिकार नही है| सपा इस सम्बन्ध में टीआई पर कार्यवाही की मांग करेगी|
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने भी यातायात पुलिस के अमानवीय घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया| उन्होंने कहा की किसी गरीब का बिना कारण नुकसान करने से पुलिस की मानसिकता का पता चलता है| पुलिस के कृत्य से सरकार बदनाम होती है| किसान संघ पीड़ित के साथ हर सम्भव मदद के लिए खड़ा है|
कांग्रेस के प्रदेश सचिव कौशलेन्द्र सिंह यादव ने कहा की भाजपा सरकार में पुलिस निरंकुश हो गयी है| लेकिन सरकार बेकाबू पुलिस को काबू करने में नाकाम है| गरीब दुकानदार पर खाकी का रौब दिखाना और उसके पेट पर लात मारना निरंकुशता का ही प्रमाण है| कांग्रेस इस घटना की निंदा करती है|
जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस शुभम तिवारी (एडवोकेट) ने कहा कि यदि कोई युवा अपना रोजगार कर रहा है उसे रोजगार नही करने दे रहे| पुलिस युवाओं का मनोबल तोड़कर अपराधी बना रही है| पुलिस को अपनी हद में रहकर कार्य करना चाहिए| सरकार बदलती रहती है| टीआई के खिलाफ कार्यवाही की मांग की जायेगी|

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