जब संसद में भिड़ गईं मायावती और स्मृति ईरानी, वार-पलटवार

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mayasmriti1नई दिल्ली:राज्यसभा में आज रोहित वेमुला के मुद्दे पर जमकर हंगामा और तकरार हुई। बहस इस कदर बढ़ी कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती और मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी उलझ पड़ीं। सदन में दो बार दोनों के बीच तकरार हुई, पहली तकरार 12 बजे हुई फिर दोपहर 2 बजे। स्मृति ने तो अपना सिर काटकर चरणों में रख देने की बात कह डाली। दरअसल, मायावती लगातार सरकार से जवाब देने की मांग करती रही, लेकिन सरकार इस पर चर्चा कराना चाहती थी। बार-बार इसे लेकर सदन स्थगित होता रहा। हंगामा खत्म ना होता देख आखिर एक वक्त पर मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी अपना धैर्य खो बैठीं और अपनी सीट से उठकर विपक्ष पर भड़क उठीं।

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रोहित के मामले पर मायावती सरकार पर हमला बोल रही थी, विपक्षी सांसद भी उनका साथ दे रहे थे। संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समझाते रहे कि सरकार जवाब देने को तैयार है, लेकिन चर्चा के दौरान। पर मायावती नहीं मानीं। इसी दौरान अचानक स्मृति सीट से खड़ी हुईं, उनके चेहरे पर गुस्सा था, उन्होंने कहा- तुरंत चर्चा शुरू कराई जाए। आप लोग राजनीति कर रहे हैं। आप इस मामले में राजनीति कर रहे हैं। किसने एक बच्चे को सियासी हथियार बनाया। किसने एक बच्चे को राजनीतिक रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया। सदन जब दोबारा

2 बजे शुरू हुआ तो इस बार सीधे मायावती और स्मृति के बीच तकरार शुरू हो गई। दोनों एक दूसरे के आमने-सामने थे। मायावती ने पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि कमेटी में एक दलित को रखा जाए, इस पर स्मृति बिफर पड़ीं। उन्होंने कहा, एक बार चर्चा सुन लें और सरकार का पक्ष सुन लें, इस पर मायावती ने जवाब दिया, आप ये बतां दे कि दलित को कमेटी में रखना है कि नहीं।

मायावती का उनके करीबी सांसद सतीश मिश्र ने भी साथ दिया और कहा, जवाब दीजिए ना, ये चिल्लाने से काम नहीं चलेगा। आप दलितों के विरोध में हैं। इस दौरान दोनों तरफ से बातें कही जा रही थी, लेकिन साफ साफ सुनना मुश्किल था। उधर, विपक्षियों की नारेबाजी लगातार जारी थी। इस पर स्मृति ने चुनौती दी, आप मुझसे वरिष्ठ हैं, महिला हैं, अगर आप मुझसे जवाब चाहती हैं तो मैं जवाब देने को तैयार हूं। आपकी जो जो मांगें हैं मैं सुबह से सुन रही हूं। मैं आपसे कहती हूं, अगर मेरे जवाब से आप संतुष्ट नहीं है, तो मैं इस सभा में कहती हूं मायावती जी, आपके कार्यकर्ताओं, नेताओं से कहती हूं, सिर काटकर आपके चरणों में छोड़ देंगे अगर आप मेरे जवाब से असंतुष्ट हों।

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