छात्र-छात्राओं ने सेना के जवानों से सीखे कठोर जीवन जीने के गुर

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फर्रुखाबाद: सिखलाई इन्फैन्ट्री रेजीमेंट के चटर्जी ग्राउंड में आयोजित हुए पासिंग आउट परेड में पहुंचे विभिन्न विद्यालयों के एनसीसी छात्र छात्राओं को आर्मी के कठोर जीवन जीने की कला से अवगत कराया गया। इसके बाद भी छात्र छात्राओं ने आर्मी में जाकर देश सेवा करने की बात कही।

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पासिंग आउट कार्यक्रम खत्म होने के बाद ब्रिगेडियर आनंद सिंह रावत एनसीसी के छात्र छात्राओं से रूबरू हुए। जिसमें उन्होंने छात्र छात्राओं के अंदर देश सेवा की भावना को टटोला। मौके पर मौजूद तकरीबन दो सैकड़ा छात्र छात्राओं ने अपने आपको आर्मी में जाने की भी इच्छा जाहिर की। इसके बाद ब्रिगेडियर ने उन्हें आर्मी के कलेंडर के माध्यम से आर्मी ज्वाइन करने का रास्ता दिखाया।

एन सी सी कैडिट ब्रिगेडियर से रूबरू होने के बाद चटर्जी परेड ग्राउंड में लगाये गये सिखलाई रेजीमेंट के अत्याधुनिक हथियारों से रूबरू होने पहुंचे। जहां हवलदार लखविंदर सिंह, सूबेदार दिलबाद व राजीव सिंह ने छात्रों को अत्याधुनिक हथियारों से अवगत कराया। मोटार, 81 एम एम मोटार, 51 एम एम मोटार, 84 एम एम रॉकेट लांचर, 7.62 मीडियम मशीन गन के अलाल इंसास, 47 आदि हथियारों के विषय में जानकारी ली।

हथियारों की जानकारी के बाद सभी एनसीसी कैडिट आर्मी के कठोर जीवन के विषय में जानने पहुंचे। जहां कर्नल मनीश जैन के नेतृत्व में छात्रों को सिखाया गया कि जंगली क्षेत्र में आर्मी के जवान किस तरह से अपने आपको सुरक्षित रखते हैं। जिसमें बगैर हथियार के मुर्गी को मारकर पकाना, बगैर बर्तन के मोटे बांस के अंदर खाना पकाना व गंदे पानी के भाप द्वारा साफ पानी एकत्रित करके के गुर छात्र छात्राओं को सिखाये गये। इसके अलावा मुसीबत के समय अपनी भूख को शांत करने के लिए एक विशेष तौर के सर्प को पकड़कर उसके मीट का इस्तेमाल करने की बात भी बखूबी एनसीसी कैडिटों ने सीखी।

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