डेस्क: उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा को भले ही भारी बहुमत हासिल हुआ हो लेकिन पूर्वांचल का गढ़ सपा के खाते में ही आया है। दरअसल पूर्वांचल में भाजपा निषाद पार्टी और अपना दल के गठबंधन ने जहां 29 सीटें हासिल की हैं वहीं समाजवादी पार्टी,सुभासपा और अपनादल कमेरावादी गठबंधन ने 31 सीटें हासिल की हैं। वहीं प्रदेश भर में इकलौती बसपा की सीट बलिया के रसड़ा से पार्टी को मिली है। इस लिहाज से पूर्वांचल में सपा गठबंधन भाजपा गठबंधन पर भारी रहा है। प्रदेश का चुनाव परिणाम जो भी रहा हो लेकिन पूर्वांचल की 61 सीटों पर सपा गठबंधन के उम्मीदवारों ने कई जगहों पर काफी करीबी मतों से मात भी खाई है। पूर्वांचल का चुनाव परिणाम इस लिहाज से सपा के लिए संजीवनी की भांति है। आजमगढ़ की दसों सीट पर सपा ने दोबारा जीत हासिल कर अखिलेश के संसदीय सीट आजमगढ़ में दबदबा साबित भी किया है। वहीं जहूराबाद से सहयोगी दल सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश ने भी विरोधी दांवपेंच को मात देकर जीत हासिल कर अपनी पकड़ साबित की है। जबकि भाजपा की ओर से दिग्गज नेताओं के चुनाव प्रचार के बीच भी बहुत से उम्मीदवार पार्टी के हित में सीटें निकाल पाने में सफलता हासिल नहीं कर सके।जबकि आजमगढ़ और गाजीपुर में सपा-सुभासपा फैक्टर ने सभी सीटों पर साइकिल और छड़ी को मजबूती दी है।वाराणसी में आठ भाजपा,मीरजापुर में पांच भाजपा,सोनभद्र में चार सीटों पर भाजपा गठबंधन आजमगढ़ में दस और गाजीपुर में सात पर सपा गठबंधन बलिया में भाजपा दो,बसपा एक, सपा ने चार सीटों पर जीत हासिल की है। जौनपुर में पांच सपा और चार भाजपा गठबंधन के पक्ष में सीटें गई हैं। भदोही में दो भाजपा और एक सपा को सीट मिली है। मऊ में तीन सपा और एक भाजपा को सीट मिली है। चंदौली में भाजपा को तीन और सपा को एक सीट मिली है|
चुनावी मंथन:पूर्वांचल की 61 सीटों में कमल पर भारी पड़ी साईकिल
[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]


