फर्रुखाबाद:चुनावी रण का धीरे-धीरे रुख बदल रहा है और सियासी लोगों की रणनीति भी। नुक्कड़ सभाओं और जनसम्पर्क के साथ-साथ अब दूसरा दौर शुरू हो गया है। सियासी बिसात पर पल-पल की खुफिया निगरानी के बाद शतरंजी चालें चली जा रही हैं। कोई पूरे पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र में मोहल्ले-मोहल्ले दस्तक दे रहा है तो कोई घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहा है। नुक्कड़ सभाओं और सियासी जनसम्पर्क के माध्यम से वोटरों को लुभाया जा रहा है। वहीं अब संगठनों को लुभाने की कवायद तेज कर दी गई है। मतदान की तिथि के नजदीक आने से सियासी सूरमाओं की रणनीति बदल रही है।
प्रचार के दूसरे दौर में प्रवेश कर रहे चुनाव में अब घर-घर के साथ थोक के वोटों पर ध्यान शुरू हो गया है। सामाजिक, व्यापारिक और धार्मिक संगठनों पर के साथ बैठकों का दौर तेज हो गया है। ताकि संगठनों के पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर उनसे वोट देने की अपील कराई जाए। सपा, बसपा, भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी अपने-अपने तरीके से सियासत की बिसात पर पैतरे बदल रहे है| जोड़-तोड़ का माहौल पूर्ण रूप से चल रहा है| एक दूसरे दलों के मजबूत लोगो को कमजोर करके अपने खेमे में शामिल करने की कवायत भी तेज है|
सियासी पंडितों की माने तो कुछ राजनैतिक लोगो ने अपने गुर्गे विरोधी के खेमे में शामिल कर दिये दिये है जो प्रत्याशी की सियासी चाल की पल-पल की खबर अपने आका को दे रहे है| जिससे आका का सियासी गणित मजबूत हो रहा है| वही निकाय चुनाव में फेसबुक पर फर्जी अकाउन्ट बनाये गये है| फर्जी अकॉउंट धारी एक दूसरे की पोल खोलने में लगे हुए है| राजनीति ने तब हद पार कर दी जब लोगों ने फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर कई लोगों पर कई तरह के आरोप लगाये है।फेसबुक पर अपशब्द शब्दो का प्रयोग किया जा रहा।
चुनावी बिसात पर हर रोज बदलती सियासी चाल
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