ग्रहण और ग्रहों के खेल में इंसान और भगवान का घर तबाह

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Kedarnathजिन लोगों ने 15 तारीख की रात केदारनाथ में आए सैलाब का मंजर देखा है वे उस खौफनाक दृश्य को जीवन भर नहीं भूल सकते। लोगों के हृदय में बनी आस्था की नींव हिल गई। लोग बात कर रहे हैं कि जिस शिव के प्रति वह आस्था लिए दूर-दूर से कष्ट उठाकर आते हैं।

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वह संकट की घड़ी में भी क्यों पत्थर बने रहे। जिनके परिजन आफत के इस सैलाब में बह गए वह केदारनाथ से नाराज हैं। इनकी नाराजगी भी अपनी जगह सही है।

तस्वीरों में: तबाही के बाद राहत का इंतजार

लेकिन अगर आप अपनी आस्था की नींव को कमज़ोर कर देंगे तो यह उस ग्रह की जीत हो जाएगी जो यही चाहता है कि ईश्वर के प्रति हमारी आस्था मिट जाए और हम भौतिक जीवन में लिप्त होकर कलियुग को बलवान बनाएं।

ज्योतिषशाचार्य पण्डित जय गोविंदशास्त्री बताते हैं कि केदारनाथ में तबाही गुरू और शुक्र की दुश्मनी का परिणाम है। ज्योतिषशास्त्र में गुरू को धर्म का कारक माना जाता है।

इसका शत्रु ग्रह है शुक्र जो भौतिकता, काम और वासना का कारक ग्रह है। यह आस्था की नींव को कमज़ोर करने का काम करता है। इन दिनों गुरू मिथुन राशि में है और अस्त चल रहा है।
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जिससे गुरू कमज़ोर स्थिति में है। जबकि शुक्र मजबूत स्थिति में है और जल का कारक भी है। इस वर्ष वर्षा का स्वामी भी शुक्र ही है इसलिए शुक्र ने जल को हथियार बनाकर आस्था पर चोट की है।

ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा के अनुसार इस वर्ष 25 अप्रैल की रात एक बजकर 22 मिनट पर चन्द्र ग्रहण लगा था। मेदनी ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के समय जो दिशा पीड़ित होती है उस दिशा में कोई अनहोनी होने की आशंका रहती है। चन्द्र ग्रहण के समय दक्षिण पूर्व दिशा पीड़ित हो रही थी।

केदारनाथ रुद्रप्रयाग जिले में आता है जो दक्षिण पूर्व में स्थित है। 15 जून की रात में जब आसमान से आफत बरसी थी उस समय की कुण्डली भी बताती है कि यह दिशा पीड़ित थी। यही वजह है कि उत्तराखंड के केदारघाटी में तबाही आयी।

22 जून को शुक्र कर्क राशि में पहुंच रहा है। यह जल तत्व की राशि है। वर्षा के स्वामी का कर्क राशि में पहुंचने से आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश होगी। सूर्य आज आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश कर चुका है।

इससे वर्षा की जो कुण्डली बन रही है वह बता रही है कि कुछ स्थानों पर खूब वर्षा होगी जबकि कुछ स्थान पानी के लिए तरसते रहेंगे। जिससे कृषि प्रभावित होगी और खाने-पीने की चीजों में जबरदस्त तेजी आएगी। रोग और महामारी से लोग पीड़ित होंगे।

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