फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)श्री गीता जयंती के अवसर पर सोमवार को फतेहगढ़ स्थित स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी को श्रीमद्भागवत गीता की पुस्तक भेंट करते हुए की गई। गीता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। समारोह में एनसीसी कैडेट्स, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं व प्रधानाचार्यों ने देशभक्ति व भक्ति गीतों की सुंदर प्रस्तुतियां देकर माहौल भक्तिमय कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सामूहिक शपथ ली गई कि सभी उपस्थित लोग गीता के 10 श्लोक कंठस्थ करेंगे और जीवन में उसके उपदेशों का पालन करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि गीता हमें कर्म करने का संदेश देती है, फल की इच्छा के बिना कर्म ही जीवन का वास्तविक धर्म है। गीता का यह भी उपदेश है कि आत्मा अजर-अमर और अविनाशी है, इसलिए मृत्यु से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि जन्म लेने वाली वस्तु का अंत निश्चित है।इस मौके पर आयोजक मंडल के राम जी वाजपेई, पूर्व सभासद अनुराग अग्रवाल, नारायण दत्त द्विवेदी, जवाहर मिश्रा, एडवोकेट राजेंद्र नाथ त्रिपाठी, वीरेंद्र मिश्रा , डॉ. रजनी सरियन, सुनीता, ठाकुर वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
गीता जयंती पर जिलाधिकारी को भेंट की गीता
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