गरीब के आशियाने पर गरजी जेसीबी,सत्ता के आवास पर नर्म

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फर्रुखाबाद:सत्ता के आगे कानून और कायदा किस हद तक बदला जा सकता है इसका उदाहरण साफ़ दिखाई दिया| जंहा हुजुर का कानून केबल गरीब के आशियाने पर ही चलता हुआ नजर आया| साहब के आदेश पर खड़े-खड़े गरीब का आशियाना गिरा दिया गया लेकिन सत्ता के आवास को साहब की जेसीबी ने खरोंच तक नही मारी| जिसको लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है|
दरअसल एक महीने बाद रामनगरिया मेले का शुभारम्भ होना है| जिसके चलते पुराने पांचाल घाट जाने वाले मार्ग का निर्माण होना है| इसके साथ ही गंगा में पैंटूनपुल का निर्माण किया होना है| जिलाधिकारी मोनिका रानी के आदेश पर बीते दिन भी पुराने पांचाल घाट पर अतिक्रमण हटाया गया था| मुख्यमार्ग से 31.5 फीट की सड़क नाप के अतिक्रमण हटाया जाना था| नायब तहसीलदार पवन गुप्ता,लेखपाल संजीब दुबे, ग्राम सचिव संजीव सुधीर श्रीवास्तव व चौकी इंचार्ज देवेन्द्र गंगवार के साथ जेसीबी लेकर तोड़ने पंहुचे| उन्होंने अतिक्रमण हटाना शुरू किया| रास्ते कुछ दूर तक ठीक चला| जेसीबी ने अतिक्रमण की जद में आये राधेश्याम गुप्ता के लाख कहने के बाद भी अधिकारियों ने उसकी एक नही सुनी| वह और उसकी पत्नी रंजना अधिकारियों के सामने रोते रहे और कुछ समय मांगते रहे| लेकिन उनके आशियाने पर जेसीबी का पंजा लगा कर उसे गिरा दिया गया| लेकिन जैसे ही जेसीबी बीजेपी नेता रामदास गुप्ता के मकान के सामने पंहुची तो कानून का फीता छोटा पड़ गया|
अधिकारियों के पास सत्ता के गलियारे से एक फोन आया और कानून कायदा सभी बदल गया| अधिकारियों ने बीजेपी नेता को पूरा समय दिया| बहाना यह बना दिया गया की जेसीबी खराब है| जेसीबी मौके से हटा दी गयी| तकरीबन एक घंटे तक जेसीबी नही आयी| एक घंटे के बाद जेसीबी पालिका से बुलायी गयी और वह भी अतिक्रमण हटाने की जगह मलवा उठाने लगी| स्थानीय आक्रोशित लोगों को जैसे ही इसकी भनक लगी तो वह चक-चक करने लगे| उन्होंने आरोप लगाया की सत्ता के आगे जिला प्रशासन नतमस्तक हो गया है |
उधर गरीब चाय विक्रेता राधेश्याम ने कहा की वह चाय बेच कर अपने चार बेटी और दो बेटों का पेट भरता था उसका घर टूटने से अब वह अपने बच्चो को कहा ले जायेगा| यदि पड़ोसी बीजेपी नेता रामदास को समय मिल सकता है तो उसे क्यों नही दिया गया| क्या गरीबो के लिए अलग कानून है| वह अभी इस हालत में नही है की अपना मकान खड़ा कर पाए| वही शाम तक चली कार्यवाही के बाद अधिकतर लोगों को समय दे दिया गया की वह अपना खुद ही आवास तोड़ लें|
फ़िलहाल घटना को लेकर काफी चर्चा है| नायब तहसीलदार पवन गुप्ता के फोन पर बात नही हो सकी| तहसीलदार सदर प्रदीप कुमार ने बताया की वह मौके पर नही थे उन्हें प्रकरण के सम्बन्ध में कोई जानकारी नही है| किसी के साथ अन्याय नही किया जायेगा| जो उचित होगा उसी के हिसाब से कार्यवाही की जायेगी|

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