खुलासा- खतरे में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी!

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फर्रुखाबाद: उधार की वैशाखियों पर टिकी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी ऊपरी कमाई में बटवारे की रार के चलते खतरे में है| जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव तक मामला पहुंचने के आसार बन रहे है| 20 से 22 सदस्य शमसाबाद ब्लाक में एक जिला पंचायत सदस्य के घर प्रथम दौर की बैठक कर चुके है|

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अध्यक्ष के प्रति आक्रोशित जिला पंचायत सदस्यों ने जेएनआई को बताया है कि मामला विकास कार्य के लिए आये बजट खर्च को लेकर है| आरोप है की पहले सभी सदस्यों को बराबरी के हिसाब से ठेके देने की बात कही गयी थी बाद में अध्यक्ष में अपने एक करीबी को आधे से ज्यादा के ठेके दे दिए| सदस्यों की दो मांगे है, एक तो सामान रूप से जिला पंचायत सदस्यों के इलाको में विकास कार्य कराने को लेकर तो दूसरी मांग अध्यक्ष के पक्ष में पड़े वोट का उधार चुकाने का है| जिला पंचायत सदस्य प्रदीप यादव ने भी अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से इनकार नहीं किया है| कायमगंज क्षेत्र के एक जिला पंचायत सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के पति सपा के पूर्व विधायक की नजदीकियां इन दिनों भाजपा सांसद से बढ़ी हुई है| एएमए उज्जवल अम्बेश से पीड़ित पूर्व और वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष इन दिनों अपना अपना दर्द भी एक दूसरे से साझा कर रहे है| ज्ञात हो कि राजपूत परिवार के जिला पंचायत अध्यक्ष रहते भी जिला पंचायत के अधिशासी अधिकारी उज्जवल अम्बेश से मामला आर्थिक मामलो पर ही खिंचा था और उज्जवल अम्बेश ने भी हार नहीं मानी थी, तब भी और अब भी| तब भी कार्यालय की फाइलें अध्यक्ष के घर पर ही रहती थी|

फर्रुखाबाद जिला पंचायत की कुर्सी वैसे भी अर्थ के पाए पर टिकी होती है| अध्यक्ष बनने से लेकर पांच साल तक कुर्सी बचाने तक समय समय पर आर्थिक गुना भाग में आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता है और हिस्सा मिल जाने पर ख़ामोशी छा जाने तक माहौल गर्माता रहा है| दो बार कुर्सी संभाल चुके राजपूत परिवार इस गुना भाग को बखूबी समझता है| और उन्ही की शरण में इन दिनों जिला पंचायत अध्यक्ष के पति उज्जवल अम्बेश से निपटने के गुण सीख रहे है|

बरहाल अब तक खबर ये है कि जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से मुलाकात जिला पंचायत सदस्यों की जल्द ही हो सकती है| मांग अभी तो अविश्वास प्रस्ताव की लग रही है हो सकता है खबर छपने के बाद लानत मलानत हो और मामला केवल बराबर के विकास कार्यो को कराने तक सिमट जाए| कुछ तो है तो शमसाबाद से लेकर मोहम्दाबाद तक सरगर्मी बनी हुई है और शीघ्र ही बैठक का अगला दौर भी होने वाला है|

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