कोटेदार ने राशन देने की बजाय ग्रामीणों को धमकाया, डीएम के दरबार में गुहार

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FARRUKHABAD : जनपद में जिस तरह से पूर्ति विभाग की मिलीभगत से सियासी लोगों की जेबें गरम हो रहीं हैं उससे हर व्यक्ति परिचित है। हिस्सेदारी में विभाग भी पूरी तरह से अपने हाथ सना चुका है। राशन गोदाम से राशन उठते समय ही उसके बजन में कई किलो कमी होती है, लेकिन अधिकारी आंख लपेट लेते हैं। कोटेदारों को भी उसमें चार पैसे बचाने हैं, जिसके लिए वह गरीबों का पेट काटने से नहीं चूकते। आये दिन कोटेदारों के द्वारा अनियमितताओं और घटतौली की शिकायतें प्रशासन को होती रहती हैं लेकिन कार्यवाही महज एक दो पर खानापूरी के लिए कर दी जाती है। ऐसे ही कोटेदार से पीड़ित ग्रामीणों ने डीएम से गुहार लगाई है।

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rashan kotedar - grameenब्लाक कमालगंज के ग्राम उसमानगंज निवासी तकरीबन दो दर्जन महिलायें व ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय के निकट एकत्रित हुए, जिन्होंने बताया कि उनके गांव का कोटेदार सर्वेन्द्र कुमार 26 तारीख को बांटे जाने वाले मिट्टी के तेल को ब्लेक कर चुका है और तकरीबन डेढ़ साल से हम लोगों को राशन तक नहीं देता और देता भी है तो बिलकुल घटिया किस्म का। टूटे हुए चावलों को लेकर डीएम से शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार से जब राशन न देने का कारण पूछा और उसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही तो कोटेदार ने कुछ लोगों को धमका दिया। खबर लिखे जाने तक डीएम से मिलने के लिए ग्रामीण उनके कार्यालय के निकट एकत्रित थे। इस दौरान खुदीराम, हरीराम, अमर सिंह, बलबीर, पप्पू, अहिवरन, मालतीदेवी, दर्शनदेवी आदि पहुंचे।

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