किसान यूनियन की महापंचायत से टिकैत सहित पांच गिरफ्तार, कार्यकर्ताओ ने रोकी ट्रेन

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kishaan yuniyanफर्रुखाबाद: पिछले 28 दिन से चल रहे किसान यूनियन के धरने पर पंहुचे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राकेश सिंह टिकैत को पुलिस के काफी मसक्कत के बाद उनके पाच साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया| जिसके बाद संगठन के कार्यकर्ताओ ने जिलाजेल चौराहे पर ट्रेन रोक ली| तकरीवन 40 मिनट ट्रेन रुकी रही बाद में बमुश्किल ट्रेक खाली कराकर ट्रेन को रवाना किया गया|
किसान यूनियन के नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा को पुलिस ने फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट से धरना प्रदर्शन करते समय गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था| जिसका मुकदमा बापस लेने और उसे रिहा करने को लेकर पिछले 28 दिन से संगठन की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बिट्टो अवस्थी के साथ दर्जनों कार्यकार्ता धरने पर बैठे थे| आज कोई कार्यवाही ना होने पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश सिंह टिकैत अपने कुछ साथियों के साथ धरना स्थल पंहुचे| धरने के दौरान पुलिस ने उनके पांच साथियों राकेश सिंह टिकैत पुत्र महेन्द्र सिंह टिकैत के अलावा जिलाविधिक सलाहकार अनिल यादव पुत्र रामनिवास यादव निवासी वीसलपुर नवाबगंज, जिला संरक्षक छविनाथ सिंह पुत्र मैकू लाल निवासी सलेमपुर, मोहम्मद अफरोज मंसूरी निवासी सिरमौरा बांगरमऊ नवावगंज, कमल सिंह शाक्य पुत्र सुभाष चन्द्र को गिरफ्तार का पुलिस लाइन भेज दिया गया|
जिसके बाद संगठन की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बिट्टो अबस्थी के साथ दर्जनों कार्यकार्ता जिला जेल चौराहे पर लाठी डंडो के साथ पंहुच गये और उन्होंने जयपुर-लखनऊ एक्सप्रेस को रो दिया ट्रेन रोक देने से प्रशासन के हाथ पैर फुल गये और उन्होंने मौके पर कई थानों काफ़ोर्स भेज दिया| लेकिन कार्यकार्ता किसी भी कीमत पर मुकेश शर्मा को जेल से रिहा कराये बिना जाने को तैयार नही थे| ट्रेन तकरीवन 40 मिनट तक खड़ी रही| चौराहे पर भी जाम लग गया\ मौके पर स्थानीय लोगो की भीड़ लग गयी|
जिसके बाद जिलाध्यक्ष अरविन्द शाक्य ने कहा की राकेश टिकैत का फरमान आया है की सभी ट्रेन की पटरी से हट जाये| काफी प्रयास के बाद पुलिस से नोकझोक के बाद ट्रेक से कार्यकार्ता हटे और ट्रेन को रबाना किया जा सका|
वही दूसरी तरफ क्षेत्राधिकारी नगर वाईपी सिंह ने पकड़े गये राकेश टिकैत से मुचलका भरने की बात कही जिस अपर वह राजी नही हुए और कहा की वह जेल जाना चाहते है| जिसके बाद सीओ ने फोन पर आला अधिकारियो से बात की और उन्हें बिना किसी शर्त के छोड़ दिया गया|

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