फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ भी अब स्वेटर वितरण को लेकर विरोध करने पर उतर आया संगठन ने साफ कहा है कि यदि स्वेटर वितरण में किसी भी शिक्षक का शोषण हुआ तो शिक्षक सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे|
कमालगंज के लालबिहारी धर्मशाला पर आयोजित बैठक के दौरान जिला उपाध्यक्ष देवेश यादव ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मीडिया में दिये बयान में कहा है कि शैक्षिक संगठनों के मना कर देने पर मेरे द्वारा स्कूलों में स्वेटर वितरण कराया गया| संगठन ने कहा है कि स्वेटर वितरण की प्रथम किस्त एसएमसी खाते में भेजी जा रही है| इसे वापस करके जिस संस्था से स्वेटर वितरित किये हैं उस संस्था को खुद बीएसए द्वारा भुगतान किया जाये|
जिससे एसएमसी व प्रधानाध्यापक के बीच विवाद ना बने| जिला महिला उपाध्यक्ष विमलेश कुमारी राजपूत ने कहा कि आज तक उन्हें नहीं मालूम है कि स्वेटर किस संस्था के द्वारा बांटे गये हैं| शिक्षक नेता पंकज शर्मा व अनुराग ने कहा कि हमारा शिक्षक दलाल नहीं है और ना ही दलाली का कार्य करता है स्वेटर वितरण के आरोप में यदि किसी शिक्षक का उत्पीड़न किया गया तो जनपद के समस्त शिक्षक सड़कों पर उतरने आन्दोलन करने पर बाध्य हो गये|
शिक्षक नेता संदीप दुबे ने कहा कि गैर कानूनी प्रक्रिया में शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा| संध्या राजपूत,पंकज राजपूत, अनुराग कुशवाहा,नरेंद्र सिंह,धर्मेंद्र कुमार,अनुराग कुशवाहा, आदर्श कटियार, देवेश यादव आदि रहे| वही बीएसए अनिल कुमार कहा कहना है कि एसएमसी स्वेटर की कीमत के हिसाब कर सकती है| जिस क्वालिटी का स्वेटर है उसी के आधार पर चेक बनाये|
फर्जी शिकायत करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की तलवार
राजेपुर क्षेत्र के एबीआरसी राजेपुर के सह समन्वयकों राजीव यादव व विश्राम सिंह के द्वारा बीएसए अनिल कुमार व खंड शिक्षा अधिकारी राजेपुर पर घटिया स्वेटर वितरित ना करने पर हत्या तक कराने का आरोप लगाया था| जिसे बीएसए ने ख़ारिज कर दिया| उन्होंने कहा की आरोप लगाने वालों ने विज्ञान की किट में घोटाला किया| जिसकी जाँच चल रही है| उनके खिलाफ दर्जनों शिक्षको ने धन उगाही करने की शिकायत की| बीएसए ने कहा कि निरिक्षण के दौरान गायब मिलने पर जब उनके खिलाफ कार्यवाही की गयी तो उन्होंने अभिलेख ही फाड़ दिया| पूरे जिले में स्वेटर वितरण में केबल दो शिक्षको को ही स्वेटर वितरण से समस्या है| उन्होंने दोनों के खिलाफ जल्द कार्यवाही के संकेत दिये|
एसएमसी खातों में आयी धनराशि वापस करने की मांग
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