गोंडा:(जेएनआई) उत्तर प्रदेश के गोंडा में आठ वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में पुलिस और एसटीएफ ने शनिवार को अपहरणकर्ताओं की गैंग को दबोच लिया। बेटे को सकुशल देख मां नेउसे गले लगा लिया। वहीं, पिता ने हाथ जोड़कर पुलिस प्रशासन को धन्यवाद कहा। चंगुल से आजाद हुए बालक ने परिजनों व पुलिस को आपबीती सुनाई। बच्चे ने बताया कि किडनैपर्स आंख पर पट्टी बांधकर उसे किसी के घर ले गए…और कमरे में बंद कर दिया। जिसके बाद वह बिस्तर पर लेटकर मम्मी को याद करता रहा।
आंख पर बांधी पट्टी, फिर किया कमरे में बंद
बालक ने बताया कि बहाने से कार में बैठाया और आंख पर पट्टी बांध दी। उसके बाद कार से किसी घर ले गए। वहां एक कमरे में बंद कर दिया। खाने में एक चिप्स का पैकेट दिया था। कमरे के पर्दे खोलने पर कहा कि डॉगी अभी भौंकेगा। थोड़ी-थोड़ी देर में दो-दो लोग कमरे में आते रहे। आंटी अंदर नहीं आईं। सभी ने चेहरे ढक रखा था। सुबह पुलिस के आने पर किडनैपर मुझे छत पर जबरन उठा ले गए। फिर वहां पर भी पुलिस आ गई।
भोजन-पानी तज रातभर जागते रहे परिवारजन
आरुष उर्फ नमो सनराइज किड्स कान्वेंट स्कूल का छात्र है। वह विद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेता रहा है। यह जानकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक के एल वर्मा ने दी है। बच्चे के अपहरण के बाद पिता हरीश गुप्ता, मां शिल्पी गुप्ता के साथ परिवारजन पूरी रात जागते रहे और रोते रहे। मां ने निवाला तो दूर एक घूंट पानी भी ना पिया। वह कलेजे के टुकड़े के लिए रोती रही और भगवान से प्रार्थना करती। नमो के बाबा राजेश गुप्त किराना व पान मसाले के थोक व्यवसायी हैं। इनके के दो बेटे हैं। बड़े पुत्र राम जी गुप्ता और छोटे हरीश उर्फ हरि गुप्ता। दोनों ही उनके साथ संयुक्त रूप से व्यवसाय में शामिल रहते हैं। बाबा राजेश पूरी रात बालाजी भगवान से बच्चे की कुशलता मनाते रहे।
आरुष को आँख में पट्टी बांधकर किया अपहरण, कुत्ते से भी डराया
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