आरटीओ व यातायात पुलिस की कार्रवाई के विरोध में ऑटो चालकों की हड़ताल, स्कूली बच्चों को हुई परेशानी

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में आरटीओ एवं यातायात पुलिस द्वारा कथित रूप से फोटो खींचकर किए जा रहे ई-चालानों के विरोध में सोमवार को लगभग आधा सैकड़ा ऑटो रिक्शा चालकों ने अपने वाहन खड़े कर दिए। इसके चलते ऑटो से स्कूल आने-जाने वाले सैकड़ों बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई अभिभावकों को मजबूरी में बाइक से बच्चों को स्कूल छोड़ना पड़ा, जहां एक ही बाइक पर तीन से चार लोग सवार होकर जाते दिखाई दिए।
जनपद के ऑटो रिक्शा चालक अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे लेकिन जिलाधिकारी के कार्यालय में न मिलने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
ऑटोचालकों का आरोप है कि फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्य मार्ग पर यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा अवैध तरीके से वाहनों की फोटो खींचकर ई-चालान किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कभी नो-पार्किंग, कभी ओवरलोडिंग तो कभी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर ₹2,000 से लेकर ₹12,000 तक के चालान कर दिए जाते हैं। चालकों का आरोप है कि कई बार चालान की सूचना मोबाइल पर भी नहीं मिलती और वाहन के फिटनेस, बीमा, टैक्स अथवा अन्य प्रपत्र बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचने पर लंबित चालानों की जानकारी होती है। चालान जमा न होने के कारण उनके वाहन संबंधी कार्य भी नहीं हो पाते। चालकों ने बताया कि महंगाई के दौर में ऑटो ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है।अधिकांश चालक स्कूली बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने और वापस घर छोड़ने का कार्य करते हैं। इसके बावजूद दस्तावेज पूरे होने के बाद भी भारी-भरकम चालान किए जा रहे हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ऑटो चालकों ने मांग की कि फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए जाएं, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। साथ ही नगर पालिका द्वारा प्रमुख स्थानों पर स्थायी ऑटो स्टैंड बनाए जाने की भी मांग की गई।
लालगेट फब्बारा क्षेत्र में एकत्रित हुए चालकों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक वे ऑटो संचालन बंद रखकर संबंधित अधिकारियों से वार्ता करेंगे। प्रदर्शन के कारण सोमवार को कई स्कूलों के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

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