‘आपातकाल’ की वजह से बच गया था गब्‍बर सिंह

0
185

sholeyयह आपातकाल और ‘शोले’ के गब्‍बर सिंह का अनोखा कनेक्‍शन है। इमरजेंसी की वजह से गब्बर सिंह बच गया था। शोले का सीन याद कीजिए। गब्बर सिंह को ठाकुर अपने जूतों के नीचे कुचलने की पूरी तैयारी कर लेता है। वो उसे मारने ही वाला होता है कि तभी पुलिस आ जाती है. गब्बर को क़ानून के हवाले कर दिया जाता है।

[adrotate banner="3"]

ठाकुर को समझाया जाता है कि अपराधी को सज़ा देना क़ानून का काम है। ठाकुर को बात समझ में आ जाती है और फिर लात, घूंसों से पिटे ख़ून में सने गब्बर सिंह को पुलिस अपने साथ ले जाती है.
[bannergarden id=”8″][bannergarden id=”11″]
पहले कुछ और थी स्क्रिप्ट

क्या आपको पता है कि फ़िल्म की मूल स्क्रिप्ट में गब्बर सिंह, ठाकुर के हाथों मारा जाता है। फिर ये बात दर्शकों के सामने क्यों नहीं आई. ये बताया फ़िल्म की लेखक जोड़ी सलीम-जावेद के जावेद यानी जावेद अख़्तर ने।

उन्होंने मीडिया को बताया, “वो इमरजेंसी का ज़माना था. हमसे सरकारी अधिकारियों ने कहा कि भाई गब्बर सिंह को मारना ग़ैर क़ानूनी है। ये अलग बात है कि गब्बर सिंह की करतूतें उन्हें ग़ैर क़ानूनी नहीं लगीं। लेकिन हमारे सामने कोई चारा नहीं था. तो मजबूरन हमें क्लाइमेक्स रीशूट कराना पड़ा”

जावेद अख़्तर ने बताया कि फ़िल्म के मूल क्लाइमेक्स में गब्बर सिंह को मारने वाला दृश्य इंटरनेट पर मौजूद है।

[adrotate banner="2"]