आगरा में बिन ब्याही मां का अस्पताल में हंगामा

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Pregnantआगरा:बिन ब्याही मां ने शनिवार को पुलिस और सरकारी कर्मचारियों को भी मुश्किल में डाल दिया। जिला अस्पताल में सुबह पहुंची मां ने भर्ती होने से इन्कार कर दिया। महिला कर्मचारियों ने रिसेप्शन के पास प्रसव कराया, इस पर मां नवजात को लेकर जाने लगी। कर्मचारियों के रोकने पर उनसे उलझ गई। हालत बिगड़ने पर जच्चा-बच्चा को एसएन में भेजा गया। वहां वह डॉक्टरों से उलझ गई। इस पर महिला सिपाही को निगरानी के लिए लगाया गया। परंतु शाम पांच बजे युवती बिना बताए चली गई।
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बिहार निवासी एक युवती पिछले दो साल से आगरा में रह रही है। उसके संबंध एक युवक से हो गए। वह गर्भवती हो गई। उसने अपना इलाज एक निजी डॉक्टर के यहां कराया। शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू होने पर वह जिला अस्पताल पहुंची, उसकी हालत को देखकर एक कर्मचारी ने भर्ती होने की सलाह दी। लेकिन वह कर्मचारी से ही उलझ गई। इस बीच रिसेप्शन पर ही उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो डॉक्टर व कर्मचारी बाहर निकल आए और प्रसव कराया। फिर प्राथमिक उपचार के बाद जच्चा-बच्चा को पहले लेडी लॉयल और फिर एसएन अस्पताल भेज दिया गया।
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इस बीच एंबुलेंस में नवजात की मौत हो गई। इसकी भनक युवती को लगी, तो उसने हंगामा शुरू कर दिया और इलाज कराने से इन्कार कर दिया। एसएन के स्त्री रोग वार्ड के बाहर लेट गई। महिला सिपाहियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, तब जाकर वह वार्ड में पहुंची। जैसे ही डॉक्टर ने उसे दवा देने का प्रयास किया, वह डॉक्टर से भिड़ गई। बेड से उठ वार्ड से बाहर निकल आई। समझाने पर इलाज कराने के लिए राजी हुई। वहीं शाम करीब पांच बजे हालत में सुधार होने पर वह बिना बताए चली गई। समाज सेवियों की मदद से नवजात को दफनाया गया।

हेल्प आगरा ने की हेल्प

युवती के इलाज में हेल्प आगरा संस्था ने मदद की। सूचना पर संस्था के मीडिया प्रभारी नंद किशोर महिला वार्ड पहुंचे और फिर दवाएं खरीद कर दीं।

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