BCCI की कमान जगमोहन डालमियां के हाथ

0
100

Jagmohan Dalmiyaचेन्नई: चेन्नई में हंगामे के बीच चल रही बीसीसीआई की बैठक में श्रीनिवासन के इस्तीफा न देने पर अड़े रहने के बावजूद सीएबी के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को बोर्ड का अंतरिम अध्यक्ष चुन लिया गया| वही इस्तीफा देने वाले बोर्ड के सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के को उनके पदों पर बहाल कर दिया गया| जगमोहन डालमिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने कि मांग खुद एन श्रीनिवासन ने भी रखी थी| जगमोहन डालमिया के नाम का प्रस्ताव बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर ने रखा जिसे अन्य सदस्यों ने मान लिया|

[adrotate banner="3"]

जगमोहन डालमिया की बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर वापसी से सबसे बड़ा झटका शरद पवार गुट को लगा है, शरद पवार गुट अंतरिम अध्यक्ष पर डालमिया को नहीं चाहता था| जगमोहन डालमिया बीसीसीआई के कई बार अध्यक्ष रह चुके है| शरद पवार गुट के बोर्ड में हावी होने के बाद साइडलाइन किये गए जगमोहन डालमिया की वापसी ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि डालमिया का समय और पकड़ बोर्ड में ख़त्म नहीं हुई थी| सूत्रों के हवाले से आ रही ख़बरों के मुताबिक डालमिया का सपोर्ट बीजेपी नेता और बोर्ड के उपाध्यक्ष अरुण जेटली ने भी किया था|
[bannergarden id=”8″]

अरुण जेटली ने कल एक बयान दिया था एक दिन रुकिये बड़ी खबर मिलेगी, आज की सबसे बड़ी खबर यही साबित हुई कि जगमोहन डालमिया एक बार फिर बीसीसीआई के सर्वेसर्वा बन गए यानि क्रिकेट प्रशासक और राजनीतिज्ञ ने मिलकर पर्दे के पीछे ऐसा खेल खेला कि बड़े बड़े चित्त हो गए| वही वर्किंग कमेटी की बैठक में हंगामा होने और एन श्रीनिवासन के इस्तीफा न देने पर अड़ जाने के बाद भी वर्किंग कमेटी की बैठक चलती रही| अरुण जेटली, अनुराग ठाकुर और राजीव शुक्ला तीनो देश की राजधानी में बैठकर बैठक में शामिल रहे| ]
[bannergarden id=”11″]

जगमोहन डालमिया के समय ही देश में क्रिकेट अपने इस स्वरुप में पहुँच गया| भारत में क्रिकेट को धर्म बनाने वाले जगमोहन डालमिया कुछ दिनों के लिए नेपथ्य में चले गए थे| तब क्रिकेट को जानने वालों ने डालमिया को ख़त्म मान लिया था लेकिन डालमिया हार मानाने वालों में से नहीं आज एक बार फिर उन्होंने साबित किया क्रिकेट और बोर्ड के खेल में उनसे बड़ा खिलाड़ी कोई नहीं|

[adrotate banner="2"]