आई टी आई के छात्र ने प्रैक्टिकल में नहीं दिये रुपये तो नहीं दिया अंकपत्र

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FARRUKHABAD : जनपद के आईटीआई कालेज में ग्रामीण क्षेत्र व दूर दराज से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों को अनुदेशकों द्वारा प्रधानाचार्य की मिली भगत के जमकर शोषण किया जा रहा है। आईटीआई कालेज में मशीनरी सामान के अलावा प्रशुक्षु छात्रों के लिए आने वाली सामग्री की जमकर कालाबाजारी की जा रही है। आईटीआई में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोले कमालगंज के राजेपुर सराय मेदा निवासी मेहंदी हसन पुत्र बकार अहमद को प्रैक्टिकल में रुपये न देने पर अंकपत्र व प्रमाणपत्र नहीं दिया गया। पीड़ित ने व्यावसायिक शिक्षा परिषद को पत्र भेजकर शिकायत की है।

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आईटीआई के छात्र मेहंदी हसन के अनुसार उसने २०१०_ २०११ में दो वर्षीय व्यवसाय में प्रवेश लिया था। २०११ में आयोजित वार्षिक परीक्षा में नकल के लिए अन्य छात्रों की तरह पांच हजार रुपये नहीं दे सका जिससे अनुदेशक बृजेश सिंह ने प्रैक्टिकल में नहीं बैठने दिया। प्रधानाचार्य से शिकायत करने पर उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया।

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इसके बाद जब उसने आरटीआई डाली तो उसको तरह तरह से परेशान किया गया। जब मेहंदी हसन अपनी मार्कशीट लेने के लिए कालेज पहुंचा तो उससे सादे कागज पर लिखने के लिए कहा कि मेरे द्वारा मांगी गई सूचनायें मुझे संस्थान से प्राप्त हो गई है। इसके बाद अंकपत्र की बात करो। मना करने पर अनुदेशकों ने गाली गलौज व मारपीट कर भगा दिया व संस्थान से बाहर निकाल दिया। मेहंदी हसन ने निदेशक से कहा है कि उसका एक वर्षीय अंकपत्र व प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाये। इसके साथ ही संस्थान में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जाये।

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