फर्रुखाबाद:(कम्पिल संवाददाता) कंपिल क्षेत्र के 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र रुटौल से जुड़े करीब 150 गांवों में लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तपती गर्मी में ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली न मिलने से दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। एक ओर बिजली विभाग निर्धारित रोस्टर के अनुसार आपूर्ति देने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
रुटौल विद्युत उपकेंद्र से पितौरा, कंपिल, भटासा न्यू, भटासा ओल्ड समेत पांच फीडरों के जरिए क्षेत्र के गांवों में बिजली सप्लाई की जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले करीब एक महीने से शाम सात बजे से रात 10 बजे तक लगातार बिजली गुल रहती है। इसके अलावा देर रात भी दो से तीन घंटे तक कटौती की जा रही है। दिन के समय भी हालात बेहतर नहीं हैं और बमुश्किल पांच घंटे ही सप्लाई मिल रही है।
लगातार हो रही बिजली कटौती से बिराहिमपुर जागीर, त्यौर खास, किंदर नगला, दारापुर, अहियापुर, मोहफदीनपुर, रसीदपुर समेत करीब 150 गांवों के लोग परेशान हैं। दिन में बिजली न होने से लोग उमस और गर्मी से बेहाल हैं, जबकि रात में कटौती के कारण लोगों की नींद तक हराम हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बिजली व्यवस्था के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। बिजली संकट का असर घरेलू कामकाज, पेयजल व्यवस्था और खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। कायमगंज ग्रामीण क्षेत्र के जेई मनोज पटेल ने बताया कि उच्चाधिकारियों से जितनी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, उसी के अनुसार आपूर्ति दी जा रही है। वहीं एक्सईएन शिवकुमार ने कहा कि रोस्टर के तहत दिन और रात में तीन-तीन घंटे की कटौती की जा रही है।
अघोषित बिजली कटौती से 150 गांवों में मचा हड़कंप





