उत्पीडन से खफा जिला पंचायत एएमए ने तबादले के लिये सरकार को भेजा सातवां खत

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Posted on : 15-03-2018 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, Politics, ZILA PANCHAYAT, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्जबल अम्बेश ने अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अन्य किसी जनपद में तबादला करने की अपील की है|
अपर मुख्य सचिव पंचायती राज विभाग को जारी पत्र में कहा है कि पूर्व में उन्होंने 6 दिसम्बर, 11 दिसम्बर,15 दिसम्बर 2017, 3 जनवरी, 8 मार्च 2018 व 12 मार्च 2018 को पूर्व में ही पत्र भेजकर जिला पंचायत में उत्पन्न परिस्थितियों के सम्बन्ध में अवगत कराया गया था | पत्र में कहा गया है कि 12 मार्च को व्यक्तिगत रूप से लेखाकार जिला पंचायत के साथ मिलकर जिला पंचायत कार्यालय में मेरे लिये असुरक्षित परिस्थतियाँ व किये जा रहे षड्यंत्र के विषय में भी बताया था| इसके बाद भी तबादला नही हुआ|
पत्र में एएमए ने कहा है कि जिला पंचायत कार्यालय में अधिक असुरक्षा व भय का माहौल उत्पन्न है| अत्यधिक कर्मचारी जिला पंचायत अध्यक्ष व उनके संरक्षक सुबोध यादव के दबाब में है| एएमए ने कहा की इस भय के माहौल में उनका कार्य करना सम्भव नही है | उन्होंने यह भी कहा है की जब तक तबादला नही होता है तब तक कार्यालय का सम्पादन वैकल्पिक तरह से कराने का रास्ता निकाले|
एएमए से जब बात करने का एस सम्बन्ध में प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ बोलने से इंकार कर दिया|

पैनल से मेडिकल कराने नही पंहुचे जिला पंचायत कर्मी

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फर्रुखाबाद: जिला पंचायत कार्यालय से संयुक्त रूप से अवकाश पर गये कर्मियों का पैनल से मेडिकल कराने के लिये जिलाधिकारी ने आदेश किये थे| पैनल में शामिल डाक्टर एक घंटे तक कर्मियों का इंतजार करते रहे| जिसके बाद वह वापस लौट गये| लेकिन कोई भी कर्मी नही आया|
अवर अभियंता दिनेश शाक्य,अवर अभियंता दिनेश शाक्य, ,कर्मी प्रथम श्रेणी लिपिक संजीव कुमार,द्वितीय श्रेणी लिपिक गौरव सिंह, मानचित्रकार प्रगल्भ तिवारी,अनुभागीय मुख्य लिपिक सतीश चंद्र तिवारी व द्वितीय श्रेणी लिपिक रजनीश यादव के साथ कुल 7 कर्मी सामूहिक रूप से चिकित्सीय अवकाश पर चले गये थे| इसकी सूचना जब जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने घोर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये| एएमए की रिपोर्ट पर मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा दुबे ने भी सभी अवकाश आवेदनों को न केवल निरस्त कर दिया था उनके मेडिकल परीक्षण के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन करा 12 फरवरी को सभी का मेडिकल परीक्षण कराये जाने के आदेश दिये|
सोमबार को शाम तीन बजे सीएमएस डॉ० बीबी पुष्कर के लोहिया अस्पताल के कार्यालय में पैनल में शामिल चिकित्सक डॉ० अजय कुमार, डॉ० अशोक कुमार,डॉ० गौरव मिश्रा व जिला पंचायत के एमएमए उज्जवल अम्बेश भी पंहुचे| वह शाम तीन बजे से शाम 4 बजे तक अवकाश पर गये कर्मियों के आने का इंतजार करते रहे| लेकिन कोई नही आया| जिसके बाद वह लोग चले गये| एएमए उज्जवल अम्बेस ने जेएनआई को बताया कि कुल 7 का मेडिकल होना था| डीएम ने बोर्ड का गठन किया था| लेंकिन वह अपना मेडिकल कराने नही आये| रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जायेगी|

अवकाश पर गये जिला पंचायत कर्मियों की मेडिकल बोर्ड करेगा जाँच

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Posted on : 08-02-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, ZILA PANCHAYAT, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: जिला पंचायत में शासन के निर्देश पर चल रही जांच के बाद काम काज पटरी पर नहीं आ रहा है। ऊपर से एक साथ छह कर्मचारियों ने चिकित्सीय अवकाश पत्र दे दिया है।सामूहिक रूप से चिकित्सीय अवकाश पर चले जाने को जिलाधिकारी मोनिका रानी ने गंभीरता से लिया है।डीएम ने सभी अवकाश पर गये कर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराये जाने के आदेश दिये है| जिससे कर्मियों पर कार्यवाही की तलवार लटक गयी है|
जिला पंचायत के अवर अभियंता दिनेश शाक्य,अवर अभियंता दिनेश शाक्य, ,कर्मी प्रथम श्रेणी लिपिक संजीव कुमार,द्वितीय श्रेणी लिपिक गौरव सिंह, मानचित्रकार प्रगल्भ तिवारी,अनुभागीय मुख्य लिपिक सतीश चंद्र तिवारी व द्वितीय श्रेणी लिपिक रजनीश यादव के सामूहिक रूप से चिकित्सीय अवकाश पर चले गये| इसकी सूचना जब जिलाधिकारी को हुई तो उनका पारा चढ़ गया| उन्होंने घोर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है| इसके साथ ही एएमए की रिपोर्ट पर मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा दुबे ने भी सभी अवकाश आवेदनों को न केवल निरस्त कर दिया था बल्कि इसे अनुशासनहीनता भी बताया था।परीक्षण के लिए एक मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए मुख्य चिकित्साधीक्षक की देखरेख में 12 फरवरी को मेडिकल करेगा|
एएमए उज्जवल अंबेश ने बताया कि मेडिकल परीक्षण लोहिया अस्पताल में किया जाएगा। बोर्ड के सामने यदि कर्मचारी मेडिकल हेतु प्रस्तुत नहीं होते हैं तो, डीएम के निर्देशानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

तकरार के बीच जिला पंचायत के 39 प्रस्ताव पास

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Posted on : 07-10-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, ZILA PANCHAYAT, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: जिला पंचायत के द्वारा 39 प्रस्तावों को तकरार के बाद आखिर हरी झंडी मिल गयी| बैठक में एक दूसरे के ऊपर नेताओ ने जमकर हमला बोला| वही प्रशासन की सख्ती के कारण कई नेता बैठक में नही जा सके| वही कई को बैठक में जाकर मुंह की खानी पड़ी|

फतेहगढ़ स्थित विकास भवन सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानदेवी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया| जिसमे एएमए उज्जवल अम्बेश सभी सदस्यों को कार्यवाही सुना रहे थे| तभी बीजेपी विधायक नागेन्द्र राठौर समर्थक एके राठौर ने आपत्ति कर दी| एके ने एएमए पर भ्रष्ट होने का आरोप लगाया| इसी बीच सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि यह सही है कि बीजेपी ठेकेदारों का पैसा नही दिया गया| यह देख एएमए भड़क गये | एएमए ने एके राठौर ने कहा की उन्हें बैठक में बोलने का कोई अधिकार नही है वह जिला पंचायत सदस्य नही है|

सीडीओ ने भी आपत्ति कर दी | एके ने सफाई देंते हुये कहा कि वह जिलाधिकारी के द्वारा जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि के तौर पर अधिकृत है| तो एएमए ने उनसे जिलाधिकारी के द्वारा दिया गया पत्र मांग दिया| लेंकिन एके पत्र नही दिखा पाये| जिसके बाद बीजेपी विधायको ने मामला शांत कर दिया इसी दौरान राजेपुर व्लाक प्रमुख सुबोध ने बोलना शुरू किया| तो सांसद ने उन्हें रोंक दिया और कहा कि अध्यक्ष को बात करनी चाहिए| जिस पर सुबोध ने कहा कि उन्हें बोलने के लिये जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकृत किया है| वह अपने पास रखे एक्ट को दिखाने लगे| तो कायमगंज विधायक अमर सिंह खटिक भड़क गये उन्होंने कहा कि यह एक्ट नही समझना| फ़िलहाल पूरी बैठक में गहमा-गहमी बनी रही| बीजेपी विधायको ने कुछ प्रस्तावों पर आपत्ति की लेकिन उनकी नही चली| बाद में सभी 39 प्रस्ताव पास हो गये| वही बैठक को बीच में ही छोड़ भोजपुर विधायक नागेन्द्र राठौर चले गये|
सुरक्षा व्यवस्था के रहे कड़े इंतजाम
बैठक में भीतर जाने के लिये सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये गये थे| सभागार के बाहर एसडीएम सदर अजीत सिंह को लगाया गया था| जो सभी के नाम चेक कर उन्हें अंदर जाने दे रहे थे| सपा नेता कल्लू यादव अंदर प्रवेश नही कर सके| वही अनधिकृत रूप से सुबोध समर्थक भोला यादव व बीजेपी विधायक समर्थक एके प्रवेश करने में सफल रहे|
वजट अधिक होने से जिला पंचायत के काम्प्लेक्स का प्रस्ताव लटका
बीते महीनों में हुई बैठक में जिला पंचायत परिसर में काम्प्लेक्स बनाये जाने का प्रस्ताव दिया गया था| जिसके लिये वजट तैयार किया गया| वजट लगभग 18 अरब 19 करोड़ बनने से प्रोजेक्ट को फ़िलहाल रोंक दिया गया था| इसके लिये आगे विचार किया जायेगा|
शंमशान पर अबैध बसूली होगी बंद
श्मशान पर शव जलाने के दौरान मनमाने रुपये बसूले जाते है इस पर आपत्ति की गयी| जिसमे कहा गया की बसूली की डॉ 11 रूपये से लेकर 50 रूपये तक की जाये| जिसका बोर्ड लगाया जाये| ताकि कोई किसी से अबैध बसूली ना कर सके| जो करे उसके खिलाफ कार्यवाही की जाये|
सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी,सुशील शाक्य, अमर सिंह खटिक, एमएलसी बसींम यादव, सपा महा नगर अध्यक्ष विजय यादव, प्रदीप यादव, व्लाक प्रमुख राशिद जमाल, बब्बन दुबे, लक्ष्मी रीटा, प्रतिवन सिंह, ,मनोज मिश्रा आदि रहे|

अंगूठा लगा सपा की ज्ञान देवी ने लिया जिला पंचायत अध्यक्ष का चार्ज

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फर्रुखाबाद: जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर आखिर बीजेपी सरकार में सपा की ज्ञान देवी ने गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चार्ज ग्रहण कर लिया| इस दौरान सभी ज्ञान देवी समर्थक मौजूद रहे|

बीते दिनों बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत के चालक कल्लू कठेरिया की पत्नी राजकुमारी को सपा प्रत्याशी ज्ञान देवी ने करारी हार दी थी| गुरुवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी जिला पंचायत सदस्यों की मौजूदगी में नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञान देवी कठेरिया को शपथ दिलाई| इसके बाद उनको जिला पंचायत अध्यक्ष का चार्ज दिया गया| ज्ञान देवी कठेरिया ने अंगूठा लगाकर अपनी कुर्सी सम्भाली| ज्ञान देवी ने जिले में विकास कराने और अम जनता की समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया|

सीडीओ अबिनाश कुमार, सुबोध यादव, जोगेंद्र सिंह, अनिल मिश्रा, किशन पाल आदि मौजूद रहे |

धनबल व बाहुबल का प्रयोग कर सपा ने जीता चुनाव: बीजेपी

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Posted on : 23-08-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, ZILA PANCHAYAT

फर्रुखाबाद: बीजेपी ने जिला पंचायत चुनाव में करारी हार का ठिगरा बिरोधी पार्टी पर फोड़ा| उन्होंने कहा की सपा के लोगो ने धनबल व बाहुबल के बल पर चुनाव जीता गया| जिसमे प्रशासन के लोगो ने बीजेपी को जितनी मदद करना चाहिए था उतनी मदद नही की | चारो विधायको व जिलाध्यक्ष ने यह प्रदर्शन किया की वह सांसद के साथ है|
आवास विकास स्थित एक गेस्ट हॉउस में आयोजित वार्ता में विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि बीते जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में बीजेपी ने अपने प्रत्याशी लड़ाये थे| जिसमे उनके तीन प्रत्याशी ही चुनाव जीते थे | सपा ने धनबल का प्रयोग कर सदस्यों को आतंकित किया| जिसकी सूचना समय-समय पर जिला प्रशासन को दी जाती रही| चुनाव में तीन सदस्यों से हम 9 सदस्यों तक पंहुच गये| उन्होंने कहा कि कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे है की सांसद विधायक एक नही है| यह गलत है|
अपनी ही सत्ता में हार का मुंह देखने के बाद सांसद मुकेश राजपूत ने भी सुशील शाक्य की बात का समर्थन किया| उन्होंने कहा कि धनबल के साथ ही साथ बाहुबल का प्रयोग भी किया गया| सभी जिला पंचायत सदस्यों के घर पर सुबोध यादव, रामेश्वर सिंह यादव व जोगेंदर सिंह यादव ने जाकर धमकाया| उन्होंने कहा कि वही प्रशासन बे भी सहयोग नही किया| मतदान के दौरान मैनपुरी व एटा के सैकड़ो लोग जिले में मौजूद रहे| जिन्हें रोंका नही गया| सरकार बीजेपी की है लेकिन सपा के कुछ लोग गंगा-जमुनी तहजीव को बिगाड़ रहे है| वही बीजेपी जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने पूरे मामले में सफाई पेश की| उन्होंने कहा की जिले के चार विधायक व एक सांसद मिलाकर क्या कर सकते थे | तीन मत बीजेपी के थे उसकी जगह पर दस सदस्यों ने मतदान किया| उन्होंने कहा की 30 सदस्यों में से 27 बसपा व सपा के जीते सदस्य थे | लेकिन इसका जबाब 19 के चुनाव में मिलेगा| विधायक सुनील दत्त, अमर खटिक व भूदेव राजपूत मौजूद रहे|

मतगणना और मतदान बना रहा रहागीरों का सिरदर्द

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Posted on : 22-08-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, Politics, ZILA PANCHAYAT, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: जिला पंचायत चुनाव के मतदान व मतगणना के दौरान पुलिस ने आम लोगो के लिये रास्ता बंद कर दिया| जिससे शाम लगभग चार बजे तक आम लोगो को निकालने में आने-जाने मे काफी दिक्कत का सामान करना पड़ा|

पुलिस ने डीएन कालेज के निकट तिराहे पर एक चेकपोस्ट व बैरियर बनाया| जंहा से निर्धारित अबधि में मतदाता और अफसरों के निकलने की अनुमति थी| वही दूसरी बैरियर जीजीआईसी गेट पर लगाया जंहा से भी किसी की एंट्री नही की जा रही थी| सुबह स्कूली बच्चो, डिग्री कालेज की छात्राओ, अदालत जाने वाले लोगो को पुलिस ने बैरियर पर ही रोंक दिया| पुलिस की रोक थाम से दर्जनों बच्चे स्कूल जाने से महरूम रह गये|

कई दिव्यांगो को बैरियर से कचेहरी तक पैदल तेज धूप में जाना पड़ा| वही नेताओ को अंदर घुसने को लेकर पुलिस से तकरार भी हुई|

अपनों की गद्दारी ने बीजेपी को दिलाई हार

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फर्रुखाबाद: बीजेपी में गद्दारी करना कोई नई परम्परा नही है| यह पहले भी हुआ है और पहले भी बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी| एक तरफ सत्ता दूसरी तरफ जिले में चार बीजेपी के विधायक व खुद सांसद होने के बाद भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बीजेपी प्रत्याशी की हार लोगो के गले नही उतरी| बीजेपी समर्थित प्रत्याशी की हार को पार्टी के भितरघात से जोड़ा जा रहा है|

पिछले जिला पंचायत के चुनावो पर अगर नजर डाले तो इस बार का जिला पंचायत बिल्कुल भिन्न था| सरकार का कोई दखल तक नही| सुबह से ही मुकेश के विरोधी प्रत्याशी की मदद में कौन-कौन बीजेपी नेताओ है इसका जिक्र चलता रहा| कई लोगो ने बीजेपी के कुछ जनप्रतिनिधो पर ही धोखा देने का आरोप लगाया| कुछ लोगो ने कहा कि फोन से कई बीजेपी के जनप्रतिनिधि सपा प्रत्याशी की मदद में लगातार सम्पर्क में है| सत्ता में मंगलवार को बीजेपी नही बल्कि सपा समर्थक नजर आये|

बीजेपी के नेता सुबह से ही सड़क पर नही दिखे| जबकि सपा के नेताओ का जमाबड़ा लगा रहा| माना जा रहा था की सांसद की प्रत्याशी राजकुमारी को हराने के पीछे पार्टी के कुछ लोग अपना पुराना बदला निकालने में लगे है| प्रशासन भी पूरी तरह से सख्त था|

सपा की ज्ञान देवी ने बीजेपी की राजकुमारी को हराया

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फर्रुखाबाद: जिला पंचायत के उपचुनाव में आखिर सपा की प्रत्याशी ज्ञान देवी कठेरिया ने बीजेपी समर्थित प्रत्याशी राजकुमारी को करारी हार दे दी| जिससे बीजेपी के मायूसी छा गयी है| वही सपा में ख़ुशी की लहर है|
सांसद मुकेश राजपूत ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये अपने चालक कल्लू की पत्नी राजकुमारी को चुनाव मैदान में उतारा था| वही सपा ने ज्ञानदेवी पर अपना दाव लगाया था| बीते कई दिनों के तक चले आरोप-प्रत्यारोप के दौरा के बाद आखिर मतदान के बाद सत्ता का नशा बीजेपी के नेताओ के चेहरे से उतर गया| सुबह 11 बजे से शुरू हुये मतदान के बाद दोपहर दो बजे तक सभी 30 मत पड़ गये| सबसे पहले सपा के खेमे से सपा महानगर अध्यक्ष विजय यादव 16 सदस्यो को लेकर मतदान कराने पंहुचे| यह देखकर ही परिणाम का गणित सियाशी पंडितो ने लगा लिया था| उनके बाद बीजेपी की राजकुमारी कठेरिया के साथ आधा दर्जन से अधिक मतदाता पंहुचे|
काफी इंतजार के बाद तीन सदस्यों को लेकर पंहुचे प्रदीप
लगभग सभी सदस्यों का मतदान हो गया था| केबल प्रदीप यादव सहित तीन सदस्यों का बेसब्री से इंतजार हो रहा था| सबसे अंत में प्रदीप यादव अपने साथ डॉ० सुरभि गंगवार व तहसीन सिद्दीकी की पत्नी जुबैरिया शाह को लेकर वोट डालने पंहुचे उन्होंने भी अंतिम समय में सपा के लिये मतदान कर मजबूती दे दी| उन्होंने बताया कि पार्टी सुप्रीमो के फरमान पर वह पूरी निष्ठां के साथ पार्टी के साथ खड़े है|
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3 बजे से मतगणना शूरू हुई| जिसमे सपा की ज्ञान देवी को 20 व बीजेपी की राजकुमारी को केबल 9 मतो से संतोष करना पड़ा| वही एक मत अबैध पाया गया| 3 बजकर 25 मिनट पर ज्ञानदेवी की जीत घोषित हो गयी | जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने नव निर्वाचित अध्यक्ष ज्ञानदेवी को जीत का प्रमाण पत्र दिया| जीत की खबर आते ही सपा कार्यकर्ताओ ने जमकर नारेबाजी की|

सपा व बीजेपी के नाक का सबाल बनी अध्यक्ष की कुर्सी

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फर्रुखाबाद: मंगलवार 22 अगस्त को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये मतदान होना है| जिसमे सपा व बीजेपी पूरी ताकत झोंके है| एक तरफ सांसद मुकेश राजपूत की प्रत्याशी राजकुमारी कठेरिया है तो वही सपा की तरफ से ज्ञानदेवी मैदान में है| सियासत के शतरंज को पार कर कौन अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठेगा इसका पता लगभग 24 घंटे बाद लग ही जायेगा| लेकिन किसी एक की नाक कटना लाजमी है|

बीजेपी के सांसद के साथ कहने को तो केंद्र व प्रदेश के साथ ही साथ जिले के अधिकतर जनप्रतिनिधि है| लेकिन अंदरूनी भीतरघात उन्हें भी झेलना पड़ रहा है | बीजेपी की यह अंदरूनी खेमे बंदी कोई नई नही है| बीते कई चुनावो में बीजेपी को अंदरूनी कलह व विरोध ही सत्ता से दूर किये रहा |अब फिर जिला पंचायत के चुनाव को लेकर बीजेपी के कई नेताओ पर आरोप लग रहे है कि वह सांसद की मदद ना करके विरोधी से अंदरखाने में मिले हुये है| इसी भीतरघात से ही चुनाव अब खतरे में नजर आने लगा है | यदि केंद्र व प्रदेश में सत्ता व जिले में चार विधायक व एक सांसद होने के बाद भी चुनाव में जीत हासिल नही होती तो बीजेपी का जिले में भविष्य क्या होगा|

वही सपा की सरकार ना होने के बाद भी ज्ञानदेवी को चुनाव लड़ा रहे सुबोध यादव अपने पास 23 सदस्यों के होने का दावा कर रहे है| सोमबार सुबह कंपिल चेयरमैंन उदयपाल ने अपने भाई के साथ सपा प्रत्याशी ज्ञान देवी को समर्थन दे देने से यह बात भी साफ हो गयी की बीजेपी की सत्ता का चुनाव पर असर कितना असर है| सत्ता का असर क्या होता है यह सगुना देवी के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के दौरान सभी ने देख लिया था| आज भी वही फार्मूला चल रहा है| चुनाव में कमजोर पड़ रही बीजेपी को देखकर तो यह लग रहा है| सपा एक बार फिर से सत्ता होने जैसा अनुभव करा रही है|

सांसद मुकेश राजपूत ने बताया कि विरोधी जिस तरह से चुनाव लड़ रहे है उस तरह से वह नही लड़ सकत| वह जिले की जनता के सम्मान के लिये चुनाव मैदान में अपना प्रत्याशी उतारे है| सुबोध यादव ने बताया कि सपा के साथ तब भी सभी सदस्य थे| शगुना देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद भी वह उन्ही के साथ है| इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा|