टीईटी-2011 की नियुक्तियां हुई नहीं, सरकार 2012 की तैयारी में

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शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्तियां अब तक नहीं हुई हैं। शासन ने अब टीईटी-2012 की तैयारियां शुरू कर दी गई है। शासन ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से एक सप्ताह में अगली परीक्षा के संबंध में प्रस्ताव मांगा है। माना जा रहा है कि टीईटी अक्तूबर या नवंबर में आयोजित कराई जाएगी।

शासन ने एससीईआरटी से पूछा है कि टीईटी का आयोजन कब और किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने कक्षा 8 तक के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार को हर साल जुलाई में टीईटी आयोजित कराना है।

गौरतलब है कि उत्‍तर प्रदेश मे पहली बार टीईटी नवंबर 2011 में आयोजित कराई गई। यह परीक्षा दो स्तरों- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर कराई गई। प्राथमिक स्तर पर 72,800 अध्यापकों की नियुक्ति इसके तहत की जानी है। प्राथमिक कक्षाओं के लिए 2,92,913 अभ्यर्थियों और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए 2,64,928 अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।

मायावती सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया दिसंबर, 2012 तक पूरी कर देने का लक्ष्य रखा था। तब शासन ने टीईटी की मेरिट के आधार पर नियुक्तियों का आदेश दिया था। लेकिन मेरिट सूची में पाई गई गड़बड़ियों के कारण नियुक्ति प्रक्रिया टल गई। अब राज्य सरकार ने में टीईटी-2011 को पात्रता परीक्षा मानते हुए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
कैरियर
इसके बाद वर्ष 2012 में टीईटी आयोजित कराने के लिए एससीईआरटी से प्रस्ताव मांगा गया है। साथ ही बेसिक शिक्षकों की भर्ती के लिए अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती करने से पहले अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन किया जाना है। संशोधित नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी के बाद शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।