अतीत के झरोके से- चेयरमेन क्लोरीन की फ़ाइल पर फैसला नहीं करते-AE

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एक साल पहले इन्ही गर्मी के दिनों में जनता बूँद बूँद पानी के लिए तरसी थी| हालात ये थे नगरपालिका जनता की समस्या के लिए बिलकुल भी संजीदा नहीं थी| क्या हाल तब था ये जानिए पिछले साल प्रकाशित 21 मई 2011 की खबर से| वैसे इस खबर को दुबारा जनता को पढ़ाने की जरुरत नहीं पढ़ती अगर नगरपालिका के हालात बदल जाते| अफ़सोस की बात है कि कुछ नहीं बदला| अथाह पैसे कमाने की लालसा भले ही वो भ्रष्टाचार के रास्ते आये और नाम अमर जाने के चक्कर में जनसेवको ने कैसे कैसे अपना ईमान गिरवी रखा| न तो चेयरमेन संजीदा हुए और न कोई सभासद| विकास कार्यो के नाम पर कमीशन खाकर दोनों ने डकार तक न ली| ये खबरे इन्ही सबसे पर्दा हटाने की एक कड़ी है|
पढ़िये पिछले साल प्रकाशित 21 मई की खबर-

फर्रुखाबाद: नगरपालिका जनता को बिना क्लोरीन का पानी क्यूँ और कैसे पिला रही है इस बात का राज पहले भी आपको बताया जा चुका है| वेशर्मी की बात ये है कि नगरपालिका के जलकल अभियंता से लेकर अधिशासी अधिकारी तक जनता को बेबकूफ बनाने में कोई कसार नहीं छोड़ रहे हैं| अखबारों और मीडिया में कई बार छपने छपाने के बाद भी मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी केवल इस बात की कोशिश कर पता लगा सके कि नगरपालिका के नलों में पिछले दो साल से क्लोरीन नहीं पड़ा| मगर अपर जिलाधिकारी से लेकर स्वास्थ्य महकमा नगरपालिका के नलो में क्लोरीन अभी भी नहीं डलवा सका है| आज भी जनता वाही पुराने ठर्रे का पानी पीने को मजबूर है|

झूठ बोलते नगरपालिका के अफसर-

जेएनआई ने शनिवार २१ मई २०११ को जब नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी अमित से फोन पर पूछा कि नगरपालिका अभी तक क्लोरीन क्यूँ नहीं डलवा पायी तो अमित ने तपाक से जबाब दिया कि नगरपालिका की सभी टंकियो में अब क्लोरीन पड़ रहा है| अधिशाषी अधिकारी ने एक ही साँस में अपने सभी पम्पो के नाम गिना डाले और बता दिया कि सब जगह क्लोरीन पद रही है| उनसे पूछा गया कि आपके सभी डोजर (क्लोरीन मिलाने वाली मशीने) ख़राब है तो जनाब ने उत्तर दिया कि उनके पम्प ओपरेटर बाल्टी में घोल कर टंकी के ऊपर चढ़ कर क्लोरीन मिला रहे है|
अमित जी के झूठ को पकड़ते ही जे एन आई ने सवाल किया कि आवास विकास के सेक्टर १ की टंकी पर मौजूद क्लोरीन के ड्रम से एक भी बूँद नहीं डाली गयी तो जनाब बोले मैंने तो भिजवा दी| अब सवाल ये है कि ऐसे जिम्मेदार अधिकाशी अधिकारी जो जनता की कमाई से वेतन पाकर अपना घर चलाते है बिना ये पता किये कि कहाँ क्लोरीन पड़ी कहाँ नहीं पड़ी जनता को मुर्ख समझ झूठ बोलते पकडे गए| अधिशासी अधिकारी ने यह कहते हुए फोन काट दिया कि जाँच कराऊंगा|

जनता भी सुने इस क्लिप में कि क्या कहा फर्रुखाबाद के अधिशासी अधिकारी ने| और आप भी उनसे 9721055056 नंबर पर इस बात का जबाब पूछ सकते है कि नगरपालिका के नलो में क्लोरीन क्यूँ नहीं पड़ा|
NAGARPALIKA AMIT EO ON CHLORINE

अध्यक्ष निर्णय नहीं लेते डोजर सही कराने को- जल कल अभियंता

नगरपालिका के नलों में बिला क्लोरीन की पानी की सप्लाई के लिए जल कल अभियंता संतराम अहिरवार पालिका चेयरमेन को जिम्मेदार मानते हैं| उनके मुताबिक नगरपालिका के डोजर दो साल पहले ख़राब हो गए थे| उन्हें सही करने की जिम्मेदारी सप्लायर की थी लेकिन पालिका अध्यक्ष ने कोई कारवाही नहीं की| पालिका अध्यक्ष को कई बार फ़ाइल भेजी गयी मगर उन्होंने कोई निर्णय नहीं लिया| वर्तमान में भी क्लोरीन मिलाने की मशीन सही करने सम्बन्धी फ़ाइल उनके पास तीन महीने से है| सहायक अभियंता संतराम अहिरवार के अनुसार इन दोजरो को सही कराने में कोई बड़ी लगत नहीं खर्च होनी है|

चिंतनीय विषय ये है कि पालिका में बड़ी बड़ी मशीने खरीदी गयी| कभी सड़क साफ़ करने की तो कभी नाला साफ़ करने की मगर पीने के पानी को पालिका अध्यक्ष ने गंभीरता ने क्यूँ नहीं लिया| क्या इसलिए कि वे खुद इसका पानी नहीं पीते और अगर पीते है तो उनके घर में कई प्रकार के फ़िल्टर लगे है| मगर अध्यक्ष महोदय इस नगर में केवल ३००-४०० लोग ही फ़िल्टर लगवा सके है और सभी की किस्मत सुरेश बाथम जैसी नहीं है|

आप भी सुनिए क्या कहा जल कल अभियंता ने-
NAGARPALIKA AE BITE ON CHLORINE