“होइहि सोई जो राम रचि राखा, को कर तर्क बढ़ावै साखा”

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FARRUKHABAD : पच्चीसवे मानस सम्मेलन का  पं0 रामेन्द्र शास्त्री नें संरक्षक राधेश्याम गर्ग एवं मानस के संयोजक डॉ0 रामबाबू पाठक ने  सूर्य पूजन कराया। अढतियान मोहल्ला के मिर्ची लाल फाटक में रजत जयंती वर्ष में हो रहे मानस सम्मेलन में ललितपुर से पधारी मानस कोकिला सुश्री कृष्णा मिश्रा नें सुमित्रा चरित्र पर बोलते हुये कहा बालक की प्रथम गुरू उसकी मां होती है। माता सुमित्रा नें अपने दोनो पुत्रों लक्ष्मण व शत्रुघन को भगवान राम तथा सन्त भरत की सेवा में लगाया। रामचरित मानस ग्रन्थ में हमें मानवता व व्यावहारिकता का पाठ पढ़ाया जाता है।manas sammelan
मुख्य अतिथि स्वामी वृह्मानन्द योगीराज त्रिदण्डी महाराज नें कहा सन्तों का सम्भासण व स्वरूप का बोध करने से हमें यथार्थ का बोध होता है। शास्त्रों का मूल भगबत प्राप्ति है। वेद शास्त्र सभी मनुष्यों के कल्याण के लिये बनाये गये हैं। हमें पांच दिन तक रामचरित मानस को सुनकर उसे अपने जीवन में उतारना चाहिये। डॉ0 रामबाबू पाठक नें कहा गोस्वामी तुलसीदास ही वाल्मीक ऋषि के अवतार हैं। त्रिगुण को सगुण वनाने में सन्त की कृपा परम आवश्यक है। वर्षा ऋतु में देवता सुप्तावस्था में चले जाते हैं, शरद ऋतु में देवता जागृत होते हैं तभी मानव का कल्याण होता है।

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विलासपुर छत्तीसगढ़ से पधारी मानस कोकिला श्रीमती उमा तिवारी नें “होइहि सोई जो राम रचि राखा, को कर तर्क बढ़ावै साखा” की व्याख्या करते हुये कहा भगबान भोलेनाथ नें माता पार्वती को पूरी रामकथा सुनाकर वताया श्रीराम सच्चिदानन्द हैं साधारण वन में घूमने बाले मानव नहीं। माता पार्वती स्वंय माता सीता का रूप धारण कर वनगमन के समय श्रीराम के पास जातीं हैं तो श्रीराम कहते हैं के माता पार्वती आप वन में अकेले कैसे भोलेनाथ कहां हैं। भोलेनाथ ध्यान लगाकर देखते हैं और माता पार्वती को वाऐं भाग पत्नी के रूप से अलग कर दाऐं भाग माता के रूप में अपने पास वैठाते हैं। उन्होने कहा कि जो ईश्वर नें निश्चित कर दिया बह हर हाल में समय पर होकर रहता है। भजन प्रस्तुत किया, पीले पीले प्रभु के नाम का जाम श्रीराम जय राम जय जय राम। संचालन बीके सिंह नें किया। व्यवस्था सुजीत पाठक उर्फ वंटू नें संभाली। इस अबसर पर अशोक रस्तोगी, राधेश्याम तूफानी, आलोक गौर, रमेश चन्द्र चतुर्वेदी, नरेन्द्र कुमार गुप्ता, महेश चन्द्र शुक्ला, शशि रस्तोगी, मधु गौर, श्रीमती विटाना एवं पं0 सर्वेन्द्र मिश्र सहित कई लोग मौजूद रहे।