नक्सली हमला अपडेट: पटेल और उनके बेटे की भी हत्या

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nand-kumar-patel & VC Shuklaछत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सली हमले के दौरान अगवा किए गए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नंद कुमार पटेल का शव जंगलों में मिला है। ख़बरें हैं कि उनके सिर पर गोली मारी गई थी। साथ में उनके बेटे दिनेश पटेल का भी शव मिला है। शनिवार की शाम कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर जंगलों में हुए नक्सली हमले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित दो दर्जन से अधिक कांग्रेस नेताओं और कई सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी।

दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल इस हमले में बुरी तरह घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया है। शुक्ल को मशहूर डॉक्टर त्रेहन के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कम से कम तीन पूर्व विधायक सहित कई अन्य कांग्रेसी नेता और सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।

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मुख्यमंत्री रमन सिंह मृतकों के परिजनों और घायलों से मिलने जगदलपुर पहुंचे हैं। सूचना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कुछ समय बाद वहां पहुंचने वाले हैं। ख़बरें हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी वहां जाएंगी।

सबसे बड़ा हमला
नक्सली हमलों के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक हमला है। इससे पहले कभी एक साथ इतने राजनीतिक नेताओं पर एक साथ हमला नहीं हुआ था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा में शामिल नेताओं पर नक्सलियों ने शनिवार की शाम दक्षिण बस्तर में बड़ा हमला किया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस हमले में क़रीब दो सौ नक्सली शामिल थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिला नक्सली भी शामिल थीं। बताया गया है कि नक्सलियों ने पत्थरों और पेड़ गिराकर रास्ता रोका फिर एक बड़ा विस्फोट किया, जिससे एक वाहन के परखच्चे उड़ गए।

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इसके बाद नक्सलियों ने हमला कर दिया और नेताओं की पहचान पूछ-पूछकर उनको गोली मारनी शुरु की। महेंद्र कर्मा और उदयमुदलियार तो घटना स्थल पर ही मारे गए। जबकि विद्याचरण शुक्ल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। नक्सली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल को अगवा करके अपने साथ ले गए थे।

नंद कुमार पटेल के निजी सुरक्षा अधिकारी ने शनिवार की रात ही बताया था कि उन्होंने अपने पीछे चार गोलियों की आवाज़ सुनी थी, तो आशंका जाहिर की जा रही थी कि दोनों को गोली मार दी गई है। रविवार की सुबह जंगलों में दोनों के शव मिले। बताया जा रहगा है कि दोनों को सिर पर गोली मारी गई है।

घायलों को पहले जगदलपुर अस्पताल ले जाया गया था जिनमें से अधिकांश को अब राजधानी रायपुर भेजा गया है। विद्याचरण शुक्ल को दिल्ली के मेदांता अस्पताल भेजा गया है।
राहुल गांधी रायपुर पहुंचे
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने घटना की तीखी आलोचना की है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देर रात रायपुर पहुंच गए हैं। नक्सलियों ने शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे रायपुर से 340 किमी दूर दरबा घाटी के घने जंगल वाले इलाके में इस हमले को अंजाम दिया। तब कांग्रेसियों का काफिला सुकमा में परिवर्तन रैली के बाद लौट रहा था।

महेंद्र कर्मा के घर पहुंचे मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह नक्सली हमले में मारे गए जगदलपुर में कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा के घर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ उनके चार मंत्री भी महेंद्र कर्मा के घर पहुंचे। रमन सिंह ने महेंद्र कर्मा के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने अस्पताल में घायलों से भी मुलाकात की।

रमन सिंह ने कहा, ‘महेंद्र कर्मा ने पूरे जीवन भर नक्सलियों के खिलाफ आंदोलन किया। वे एक योद्धा थे जो जीवन भर नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे। उन्होंने पक्ष-विपक्ष से अलग हटकर नक्सलवाद के खिलाफ अभियान छेड़ा। इसी वजह से महेंद्र कर्मा हमेशा नक्सलियों के निशाने पर रहे। उनकी हत्या पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है।

अजीत जोगी भाग्यशाली रहे
हमले में पूर्व कांग्रेस विधायक फूलो देवी नेताम भी घायल हुई हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अजीत जोगी भाग्यशाली रहे, वे परिवर्तन रैली के बाद सड़क से जा रहे काफिले में न शामिल होकर हेलीकॉप्टर से लौट गए। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री महेंद्र कर्मा राज्य में विपक्ष के नेता भी रह चुके थे। कर्मा तभी से नक्सलियों के निशाने पर थे, जब से उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ सलवा जुडूम की बस्तर जिले में शुरुआत की थी। हालांकि बाद में यह अभियान बंद कर दिया गया।

महेंद्र कर्मा की बेरहमी से हत्या
नक्सलियों ने नेताओं के सुरक्षाकर्मियों की गोलियां खत्म होने का इंतजार किया। उसके बाद नेताओं को सरेंडर कराया और तब कर्मा की पहचान करने के बाद उनकी बेरहमी से हत्या की। कर्मा को 100-150 नक्सलियों ने घेर लिया और उन्हें भून डाला।

नक्सली आधुनिक हथियारों के साथ ही धनुष तीर से भी लैस थे। हमले के बाद वे सुरक्षाकर्मियों के हथियार भी ले गए। उन्होंने जगह-जगह पेड़ काटकर रास्ता भी रोक दिया था। हमले के बाद उन्होंने वहां कई पेड़ों में आग लगा दी।

राज्य के कांग्रेस नेताओं ने 12 अप्रैल को परिवर्तन यात्रा शुरू की थी, जो साल के अंत में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों तक जारी रहनी है।

रमन सिंह से पीएम ने बात की
हमले के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की। उन्होंने हालात की ताजा जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री से जरूरत पड़ने पर और केंद्रीय सुरक्षा बल मुहैया कराने को कहा। रमन सिंह ने हमले की तीखी निंदा की है। उन्होंने अपनी विकास यात्रा भी रद्द कर दी है। मालूम हो कि जुलाई 2011 में छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सलियों के हमले में तीन कांग्रेस नेता मारे गए थे।

कहीं बदला तो नहीं लिया
सीआरपीएफ ने बीजापुर में 8 लोगों को मारा था, इस हमले के विरोध में नक्सलियों ने 26 को बंद का आह्वान किया था। उन्होंने पोस्टर बैनर लगाए थे।

कई जगह भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े
नक्सली हमले के विरोध में कांग्रेस ने रविवार को छत्तीसगढ़ में बंद का ऐलान किया है। बताया जा रहा है हमले के बाद कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता कई जगह आपस में भिड़ गए।

सदमे में सोनिया
कांग्रेस नेताओं पर नक्सली हमले से पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी सदमे में दिखीं। देर रात उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं अपने साथियों पर हमले से बेहद आहत हूं। घटना को लेकर प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद सोनिया ने कहा कि जो आम लोग राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े थे, नक्सलियों ने उन्हें भी बेरहमी से मार डाला।

600 सीआरपीएफ जवान अभियान में जुटे
नक्सली हमले के बाद इलाके में कांबिंग के लिए सीआरपीएफ के 600 जवान और कोबरा कमांडो घटना स्थल पर रवाना किए गए हैं। बस्तर इलाके में सीआरपीएफ से हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

न्यायिक जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दरभा घाटी में हुए नक्सली हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। देर रात पत्रकार वार्ता में उन्होंने हमले की न्यायिक जांच के आदेश दिए। उन्होंने बर्बर हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि मृतकों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।